विजय माल्या के भारत लाए जाने की खबर झूठी, भारतीय उच्चायोग ने किया खंडन

भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या को अगले कुछ दिनों में प्रत्यर्पण की खबर भारतीय मीडिया में छाई रही। जिससे अब लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने खारिज कर दिया। वहीं माल्या ने भी इस खबर का खंडन किया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार माल्या की पर्सनल असिस्टेंट (निजी सहायक) ने बताया कि वो प्रत्यर्पण से संबंधित किसी भी घटनाक्रम से अनभिज्ञ थीं। उन्होंने बुधवार देर रात कहा, ‘मुझे आज रात उनके वापस जाने की जानकारी नहीं है।’

इसी बीच भारतीय उच्चायोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि 64 वर्षीय भगोड़े काराबोरी को लंदन से भारत नहीं लाया जाएगा और न ही ऐसा जल्दी ही होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि अभी उसके प्रत्यर्पण की कोई गुंजाइश नहीं है। मीडिया ने सीबीआई के पुराने बयानों के अनुसार खबरें प्रकाशित की। परिस्थिति नहीं बदली हैं। इसमें अभी समय लगेगा।

माल्या के भारत आने में देरी की एक वजह गृह सचिव प्रीती पटेल द्वारा कानूनी कारणों की वजह से प्रत्यर्पण पर हस्ताक्षर न करना है। ऐसा इसलिए क्योंकि अटकलें हैं कि वह शरण के लिए आवेदन कर सकता है और ब्रिटेन की अदालत में अभी उसके खिलाफ कुछ मामले लंबित हैं।

बता दें कि विजय माल्या पर 9000 करोड़ रुपये के फ्रॉड और मनी लांड्रिंग का केस दर्ज है। लेकिन विजय माल्या व्यक्तिगत कारण बताकर मई 2016 में भारत से भाग गया था। भारत से भागने के बाद विजय माल्या ब्रिटेन में रहा रहा है।


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