हिंदू डॉक्टर ने मुस्लिम मरीज को मर’ने से पहले कलमा पढ़ने में की मदद, हो रही तारीफ

केरल के पलक्कड़ जिले के एक अस्पताल में म’रने से पहले एकमुस्लिम मरीज को कलमा पढ़ने में मदद करने के लिए एक हिंदू डॉक्टर की प्रशंसा की जा रही है।

रेखा कृष्णन ने कहा कि उन्होंने देखा कि मरीज, जो दो सप्ताह से अधिक समय से वेंटिलेटर पर था, किसी चीज से जूझ रहा था। उन्होने बताया कि उन्होने धीरे-धीरे मरीज के कानों में कालिमा पढ़ा। क्योंकि उस वक्त वह रोगी को अपनी अंतिम सांस लेते हुए देख रही थी।

डॉक्टर ने अपने एक साथी के साथ अपना अनुभव साझा किया, जिसने बाद में इसे ऑनलाइन पोस्ट किया गया। यह पोस्ट वायरल हो गया। कई लोगों ने डॉक्टर को मित्रता और भाईचारे का प्रतीक बताते हुए उनकी सराहना की है।

कृष्णन ने कहा, “मैं दुबई में पैदा हुई और पला-बढ़ी हूं और मैं मुसलमानों के रीति-रिवाजों से अवगत हूं। मैं ऐसे माहौल में पला-बढ़ी हूं जहां हर धर्म का सम्मान किया जाता है।”

उन्होने कहा कि उन्होने केवल अपना कर्तव्य निभाया और इसके लिए कभी भी इस तरह की प्रशंसा की पात्र नहीं थी। उन्होंने कहा कि यह धार्मिक नहीं बल्कि मानवीय कृत्य है। कई मुस्लिम विद्वानों ने डॉक्टर की सराहना की है।

इस्लामिक विद्वान अब्दुल हमीद फैजल ने कहा, “यह वास्तव में एक उत्साहजनक विकास है। डॉक्टर मित्रता और भाईचारे का प्रतीक है। उसके उपन्यास हावभाव में पर्याप्त सबक हैं।”