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कठुआ गैंगरेप की जांच अधिकारी बोली – ‘ आरोपियों ने लगाया था पूरा जोर, मां दुर्गा का आशीर्वाद साथ था’

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जम्‍मू-कश्‍मीर के कठुआ रेप और मर्डर केस की जांच को अंजाम तक पहुंचाने वाली महिला पुलिस अधिकारी श्‍वेतांबरी शर्मा ने आरोपियों की और जांच को प्रभावित करने को लेकर डाले गए दबाव पर कहा कि उनके साथ शुरु से ही मां दुर्गा का आशीर्वाद साथ रहा’

क्विंट से ख़ास बातचीत में उन्होंने कहा, जांच के शुरुआत में हमें जिन लोगों पर इस कांड में शामिल होने का शक था उनके परिजनों और वकीलों ने हमारे काम में अड़ंगा लगाने और इस जांच को प्रभावित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. हमें परेशान करने के लिए उन्होंने अपनी सारी ताकत लगा दी लेकिन हम अपने स्टैंड पर कायम रहे.

बता दें कि श्‍वेताम्‍बरी जम्मू-कश्मीर की क्राइम ब्रांच की एसआईटी की एक मात्र महिला सदस्‍य हैं. श्‍वेतांबरी ने बताया, ”हमने भारी बाधाओं के विपरीत काम किया, ऐसे वक्‍त में हम बहुत निराश थे, खासतौर पर हमने ये जाना कि हीरानगर पुलिस स्‍टेशन के लोगों को केस  छिपाए रखने के लिए रिश्‍वत दी गई है और उन्‍होंने मारी गई लड़की के कपड़ों को धुल दिया और साक्ष्‍य के मटीरियल्‍स को नष्‍ट कर दिया. तब भी हमने इस रेप और मर्डर मिस्‍ट्री का पवित्र नवरात्र‍ि के दौरान खुलासा कर लिया. मैं मानती हूं कि एक दैवीय हस्‍तक्षेप से षड्यंत्रकारियों को न्‍याय की प्रक्रिया तक लाया जा सका. मैं मानती हूं कि दुर्गा माता का हाथ हमारे सिर पर था.

स्वेतांबरी ने बतलाया कि इस मामले के ज्यादातर आरोपी ब्राह्रण थे. कई बार इन आरोपियों ने उनसे यह भी कहा कि हम सभी एक ही धर्म और जाति से आते हैं इसलिए मुझे उन्हें एक मुस्लिम लड़की के मामले में दोषी नहीं ठहराना चाहिए. मैंने उनसे कहा कि एक ऑफिसर के तौर पर मेरा सिर्फ एक ही धर्म है और वो है मेरी वर्दी. स्वेतांबरी शर्मा ने कहा कि नवरात्र की छुट्टियों के दौरान हम लोगों ने इस केस को सॉल्व कर लिया था.

स्वेतांबरी ने आगे बतलाया कि जब जांच को प्रभावित करने में आरोपी और उनके समर्थक फेल हो गए तो उन्होंने लाठी का सहारा लेकर हमें डराने की कोशिश की. यहां तक की हमारे खिलाफ रैलियां निकाली गईं और स्लोगन भी बनाए गए. लेकिन बड़ी ही धैर्य पूर्वक हम अपना काम करते रहे.

स्वेतांबरी ने बतलाया कि आरोपियों के जमानत पर सुनवाई के दौरान कोर्ट के बाहर 10-20 की संख्या में मौजूद वकीलों ने हंगामा खड़ा किया. हमलोगों ने इस बारे एसएचओ से एफआईआर रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा लेकिन उन्होंने मना कर दिया.