रमजान में मुस्लिम लड़कियां सदके के तौर पर बांट रही घर में बने मास्क

कोरोना वायरस के ही बीच शुरू हुआ पाक रमजान नेकियों कमाने का सबसे बड़ा जरिया है। जिसमे नेकियों का सवाब 70 गुना मिलता है। ऐसे में जम्मू कश्मीर के डोडा जिले में 12 लड़कियों का एक ग्रुप घर पर मास्क बनाकर बतौर सदके के तौर पर बांट रहा है।

जानकारी के अनुसार, ये लड़कियां रोजा भी रख रही हैं और लगातार मास्क की सिलाई करने में लगी हुई हैं। पसरी मोहल्ला की निवासी आरजू अख्तर (17) ने कहा, ”हम सभी ने रोजा रखा है। हमने कोविड-19 (COVID-19) से निपटने में अपना छोटा सा योगदान देने का संकल्प लिया है। उम्मीद है कि हमारे सदका (दान) से कुछ मदद मिलेगी।”

लड़कियों की इस पहल को थल सेना की स्थानीय इकाई ने सराहा है और मास्क बनाने के लिए इस्तेमाल में आने वाला सामान उपलब्ध कराने के लिए वे आगे भी आए हैं। रोजा रख रहीं सभी सदस्यों ने कहा कि वह दैनिक लक्ष्य से भी अधिक संख्या में मास्क की सिलाई करने को लेकर उत्साहित महसूस कर रही हैं।

समूह का नेतृत्व करने वाली आसमा बानो (21) ने कहा, ”शुरुआत में हमने 20,000 मास्क का योगदान देने का फैसला किया था, लेकिन अब हमने निर्णय लिया है कि जब तक सभी लोगों की आवश्यकता पूरी नहीं हो जाती तक तब हम अपनी सेवाएं जारी रखेंगे।”

आसमा ने कहा, ”हम अपने दैनिक लक्ष्य के मुकाबले 200 और मास्क बना रहे हैं इस गति से इंशा अल्लाह (ईश्वर की इच्छा से) हम बुधवार तक जिला प्रशासन को 5,000 मास्क की पहली खेप सौंप पाएंगे।”


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