ख्वाजा साहब के अपमान पर अमीश देवगन को एमएसओ ने भेजा लीगल नोटिस

दिल्ली/अजमेर: देश के सबसे बड़े छात्र एवं युवा संगठन मुस्लिम स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (MSO) ने सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनउद्दीन चिश्ती (रह) को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के सबंध में कड़ा रुख अपनाते हुए पत्रकार अमीश देवगन और उनके चैनल न्यूज़ 18 को कानूनी नोटिस भेजा है।

एमएसओ के अध्यक्ष शुजात अली कादरी ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध सूफी संत हजरत ख्वाजा ख्वाजा मोइनउद्दीन चिश्ती उर्फ गरीब नवाज (रह) के खिलाफ सांप्रदायिक एजेंडे के तहत पत्रकार अमीश देवगन द्वारा टिप्पणी की गई। उन्होने कहा कि जिस तरह मुस्लिम शासकों की उदार छवि को नुकसान पहुंचाया गया। उसी तर्ज पर अब सूफी-संतों को भी निशाना बनाया जा रहा है।

उन्होने कहा कि अमीश देवगन की नेशनल चैनल पर की गई विवादित टिप्पणी अंजाने या भूलवश नहीं की गई है। उन्होने कहा कि दक्षिणपंथी और सांप्रदायिक ताकते कभी नहीं चाहती कि देश में हिन्दू-मुस्लिम एक साथ रहे। उन्होने बताया, ख्वाजा साहब की चौखट पर सदियों से सभी धर्मों के लोग आते रहे है। जिसमे हिंदुओं की बड़ी संख्या है। उन्होने कहा कि ख्वाजा साहब कि दरगाह को दुनिया भर में शांति, एकता और गंगा-जमुनी तहजीब का मरकज माना जाता है।

कादरी ने कहा कि बीते कुछ सालों से अजमेर दरगाह निशाने पर रही है। जिसमे हिंदुवादी संगठनों की और से दरगाह को मंदिर बताया गया। इतना ही नहीं एक बड़े हिन्दू धर्मगुरु ने दरगाह को विवादित बनाने के लिए यह तक कह डाला कि ‘अजमेर दरगाह शरीफ कें अंदर शिवलिंग है।’ उन्होने कहा, अमीश देवगन की ये विवादित टिप्पणी उपरोक्त विवादों के ही क्रम है। जिसे अब किसी भी कीमत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

कादरी ने बताया कि एमएसओ की और से देश के कई राज्यों, राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश, यूपी, तेलंगाना, कर्नाटक आदि में पुलिस शिकायत भी दर्ज कराई गई। एमएसओ अध्यक्ष ने कहा, अमीष देवगन और उनके चैनल को कानूनी नोटिस भेजा गया है। इसके अलावा जल्द ही अमीश देवगन और न्यूज़ 18 के खिलाफ हाईकोर्ट में केस भी दाखिल किया जाएगा। इसके अलावा ख्वाजा साहब की शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए देश ही नहीं पूरी दुनिया में वेबमीनार भी आयोजित किए जाएंगे।


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