मुंबई में लॉकडाउन के बीच 800 मजदूरों को मस्जिद से मिल रहा भोजन

मुंबई केसाकीनाका इलाके की एक मस्जिद करीब 800 मजदूरों को रोज भोजन करा रही है जो लॉकडाउन के कारण अपनी नौकरी खो चुके हैं। यह खैरानी रोड पर स्थित जामा मस्जिद है।

अहले हदीस के मौलाना आतिफ साबबाली ने कहा कि यह आस-पास के इलाकों में लोगों को चावल और दालों का राशन भी प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा, “COVID-19 की तरह, भूख भी एक गंभीर विकार है और धर्म के बावजूद हर किसी को प्रभावित करता है। हमारा मकसद ‘कोई भी हो ना सोये भूखा’ (कोई भी भूखा नहीं सोना चाहिए)।”

उन्होंने कहा कि भोजन को स्वच्छ तरीके से पकाया जाता है और सेवा करते समय सामाजिक गड़बड़ी नहीं होती है। यानि कि भोजन देते समय सोशल डिस्टेन्स की पूरी तरह से पालना की जाती है।

बता दें कि लॉक डाउन के बाद से ही देश भर में मस्जिदों को सामूहिक नमाज के लिए बंद किया जा चुका है। देश के कई हिस्सों में मस्जिदों से गरीबों के लिए खाने की व्यवस्था की जा रही है।


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