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Tuesday, October 19, 2021

मोहन भागवत ने भारत को बताया हिन्दू राष्ट्र, बोले – प्रमाण की जरूरत नहीं, मुसलमान भी….

झारखंड दौरे पर पहुंचे आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भारत को हिन्दू राष्ट्र करार दिया और कहा कि इसके लिए किसी प्रमाण की भी जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा कि भारत में रहने वाले सभी लोग एक ही हैं, यहां के मुसलमान अरब से नहीं आए हैं। यहीं के रहने वाले हैं। उनके पूर्वज भी हिंदू ही थे। हम सबका डीएनए एक है। मोहन भागवत ने कहा कि अगर वे संघ से जुड़ना चाहते हैं तो जरूर जुड़ें। शाखा आएं और हमारे कार्यों को जानें। हमारे विचार को समझें।

मोहन भागवत ने उदाहरण देते हुए कहा कि सिर्फ भारत के ही मुसलमान ईद-मिलाद-उन-नबी मनाते हैं। यह पैगंबर साहब के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। विश्व में अन्य कहीं के मुसलमान यह नहीं मनाते। वजह यह कि उनका संस्कार अलग है और भारतीय मुसलमानों का संस्कार पूरी तरह भारतीय है, तभी तो जिस तरह हम अपने महापुरुषों के जन्मदिन और पुण्यतिथि मनाते हैं, उसी तरह वे भी मनाते हैं।

बता दें कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने आरएसएस प्रमुख के बयान का समर्थन किया है। उन्होने कहा कि “उन्होंने गलत क्या कहा? हिंदुस्तान में रहने वाले गुर्जर, जाट, राजपूत हिंदू भी हैं और मुसलमान भी हैं। यह तो बहुत अच्छी बात है। मैं तो उनकी इस बात की बहुत तारीफ करता हूं। मैं तो समझता हूं कि RSS का जो पुराना रवैया था, वह बदल रहा है और वे सही रास्ते पर हैं।”

महिलाओं की तालीम पर मौलाना ने कहा कि इस्लाम इसके खिलाफ नहीं हैं। महिलाओं को तालीम देना जरूरी है। लेकिन जरूरी नहीं कि बच्चियां लड़कों के साथ पढ़ें, चाहे वह किसी भी मजहब की हों। उनके लिए अलग स्कूल-मदरसे बनाए जाएं तो बेहतर है। मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि बच्चियां किसी भी मजहब की हों, उनकी तालीम और हिफाजत पर्दे में रहकर ही आवश्यक है।

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