LIC को छोड़ सभी सरकारी इंश्योरेंस कंपनियों को बेचने की तैयारी में मोदी सरकार

केंद्र की मोदी सरकार एक के बाद एक निजीकरण के तत्काल फैसले ले रही है। मोदी सरकार अब LIC को छोड़ सभी सरकारी इंश्योरेंस कंपनियों को बेचने की तैयारी कर चुकी है। इसके अलावा कुछ बैंकों के निजीकरण की भी तैयारी कर रही है।

न्यूज़18 के अनुसार, ‘LIC और एक नॉन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी को छोड़कर बाकी सभी इंश्योरेंस कंपनियों में सरकार अपनी पूरी हिस्सेदारी किस्तों में बेच सकती है। इधर बैंको के भी प्राइवटाइजेशन का भी बिग प्लान है। इस पर PMO, वित्त मंत्रालय और नीति आयोग के बीच सहमति बनी है साथ ही कैबिनेट ड्रॉफ्ट नोट भी तैयार हो चुका है।

इस प्रस्ताव के मुताबिक LIC और  एक Non Life Insurace कंपनी सरकार अपने पास रखेगी। मनी कंट्रोल में छपी खबर के अनुसार, 6 सरकारी बैंकों को छोड़ बाकी सभी बैंकों का निजीकरण किया जा सकता है। पहले चरण में बैंक ऑफ महाराष्ट्र और इंडियन ओवरसीज बैंक में सरकारी हिस्सेदारी बेची जा सकती है।

6 बैंकों को छोड़ बाकी सभी बैंकों निजीकरण की योजना को तहत बैंकों में सरकारी हिस्सेदारी चरणों में  बेचने का प्रस्ताव है। पहले चरण में 5 सरकारी बैंकों में हिस्सा बिक सकता है। सबसे पहले Bank of Maharashtra, IOB में सरकारा हिस्सा बिक सकता है Bank of India, Central Bank of India का भी निजीकरण संभव है। UCO Bank में भी सरकारी हिस्सेदारी बेची जा सकती है।

इसके पहले मोदी सरकार ने भारत के पहले और तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल में बने एतिहासिक होटल अशोक को बेचने की तैयारी कर ली है। इसके अलावा होटल सम्राट को बेचने का फैसला लिया जा सकता है। वहीं भारतीय रेलवे (Indian railways) देश के चार बड़े रेलवे स्टेशनों को निजी हाथों में सौपने जा रही है।


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