प्रवासी मजदूरों को दो महीने तक मिलेगा मुफ्त में अनाज, 50 लाख रेहड़ी वालों को दिया जाएगा लोन

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किसानों, प्रवासी मजदूरों, रेहड़ी-पटरी वालों के लिए कई घोषणाएं की। वित्त मंत्री ने कहा कि मजदूर, रेहड़ी, छोटे किसानों के लिए आज ऐलान किए जाएंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का ध्यान गरीबों और श्रमिकों पर है। किसानों को कर्ज में ब्याज पर 31 मई तक छूट दी गई है। छोटे किसानों को रियायती दरों पर 4 लाख करोड़ का लोन का ऐलान किया।

8 करो़ड़ मजदूरों को बिना राशन कार्ड मिलेगा मुफ्त राशन: अगले दो महीने के लिए पलायन करने वाले सभी मजदूरों को मुफ्त राशन मिलेगा। ऐसे मजदूर जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, उन्हें 5 किलो चावल या गेहूं और एक किलो चना दिया जाएगा। इससे पहले जो मुफ्त राशन के ऐलान किए गए थे, उसके तहत राशन कार्ड धारकों को ही अनाज मिल रहा था, लेकिन अब बिना दस्तावेज के ही मिलेगा। यह राशन राज्य सरकारों की ओर से वितरित किया जाएगा। इससे देश के 8 करोड़ मजदूरों को फायदा होगा, इस पर सरकार की ओर से 3,500 करोड़ रुपये की रकम खर्च की जाएगी।

मार्च 2021 तक वन नेशन, वन राशन कार्ड: पूरे देश के लिए एक ही राशन कार्ड चलेगा। इससे देश के 67 करोड़ गरीबों को लाभ होगा। मार्च, 2021 तक यह काम पूरा हो जाएगा। इससे पलायन करने वाले मजदूरों को बड़ी राहत मिल सकेगी, जिन्हें पलायन के बाद समस्या का सामना करना पड़ता था। वन नेशन, वन राशन कार्ड के जरिए मजदूर देश में कहीं भी राशन डिपो से अनाज हासिल कर सकेंगे।

मजदूरों के लिए रेंटल हाउसिंग स्कीम: शहरी गरीबों और मजदूरों के लिए रेंटल हाउसिंग स्कीम की शुरुआत की जाएगी। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए ये आवास तैयार किए जाएंगे। जिनमें मजदूरों को रहने की सुविधा दी जाएगी। बेहद मामूली किराये पर मजदूरों को यह सुविधा दी जाएगी। इस पर जल्दी ही नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। इस स्कीम को पीएम आवास योजना के तहत लॉन्च किया जाएगा। उद्योगपति यदि अपनी ही भूमि पर बनाना चाहें तो उन्हें भी सरकार की ओर से मदद दी जाएगी।

10 से कम वर्कर वाले संस्थानों में भी ESI की सुविधा: श्रमिकों के लिए बड़ा ऐलान करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि अब 10 से कमर्चारियों वाली कंपनियों के एंप्लॉयीज को भी ईएसआई की सुविधा मिलेगी। अब साल में एक बार मजदूरों का हेल्थ चेकअप किया जाएगा। मनरेगा के मजदूरों की संख्या में 40 लाख का इजाफा हुआ है। 2.33 करोड़ प्रवासी मजदूरों को पंचायतों में काम दिया गया है। मनरेगा की मजदूरी को 182 रुपये प्रतिदिन से बढ़ाकर 202 रुपये कर दिया गया है। मजदूरों का स्किल डिवेलपमेंट भी किया जाएगा। इसके अलावा श्रम कानूनों में भी बदलाव किया जाएगा।

शिशु मुद्रा लोन पर ब्याज में 2% की छूट: शिशु मुद्रा लोन के तहत 50,000 रुपये तक के लोन दिए जाते हैं। किस्तें अदा करने पर छूट की अवधि समाप्त होने के बाद भी एक साल तक इन कर्जों पर ब्याज में दो फिसदी की राहत दी जाएगी। इस पर सरकार की ओर से 1,500 करोड़ रुपये की रकम खर्च की जाएगी। अब तक इस स्कीम के तहत 1,62,000 करोड़ रुपये की रकम जारी की जा चुकी है। इस फैसले से 3 करोड़ लोगों को फायदा होगा।

रेहड़ी-पटरी वालों को मिलेंगे 10,000 रुपये: रेहड़ी-पटरी का काम करने वाले 50 लाख लोगों को 10,000 रुपये तक की मदद की जाएगी। इस स्कीम के लिए सरकार की ओर से 5,000 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे। एक महीने के अंदर इस स्कीम को लॉन्च किया जाएगा। इसके अलावा डिजिटल पेमेंट करने पर उन्हें इनाम भी मिलेंगे।

2.5 करोड़ नए किसान क्रेडिट कार्ड होंगे जारी: पीएम किसान योजना के तहत 9 करोड़ से ज्यादा किसान जुड़े हैं, लेकिन अब तक इनमें से 2.5 करोड़ किसानों के पास क्रेडिट कार्ड नहीं हैं। इन्हें भी यह सुविधा दी जाएगी और उन्हें 2 लाख करोड़ रुपये के लोन मुहैया कराए जाएंगे। यह सुविधा किसानों के अलावा पशुपालकों और मछुआरों को भी मिलेगी।

जनसत्ता इनपुट के साथ


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