घर भेजने की मांग को लेकर सूरत में प्रवासी मजदूरों की पुलिस के साथ झड़प

सूरत में एक बार फिर गुजरात के प्रवासी मजदूरों ने घर जाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। इस दौरान कुछ जगहों पर पुलिस और प्रवासी मजदूरों के बीच झड़प हो गई।

एक अधिकारी ने बताया कि हजीरा औद्योगिक शहर के समीप मोरा गांव में सैकड़ों मजदूरों की पुलिस के साथ झड़प हो गई। उन्होंने पुलिस के वाहनों पर पथराव किया। इसके बाद 40 से अधिक मजदूरों को हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन कर रहे मजदूरों ने मांग की कि जिला प्रशासन उन्हें उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा समेत अन्य राज्यों में उनके गृह नगर भेजने की व्यवस्था करे।

अधिकारी ने बताया कि ज्यादातर मजदूर हजीरा में औद्योगिक इकाइयों में काम करते हैं और मोरा गांव में रहते हैं। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी है। वहां सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। बता दें कि सूरत में कपड़ा और दूसरे उद्योगों में काम करने वाले मजदूर यहां पर बढ़ी संख्या में रहते हैं। इससे पहले भी मजदूर घर जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर चुके हैं।

सूरत जॉइंट कमिश्नर डीएन पटेल ने कहा, ‘सुबह करीब 8 बजे 500 से हजार लोग सड़क पर इकट्ठा होकर घर भेजे जाने की मांग करने लगे। उचित बल का प्रयोग करके 55 से 60 लोगों को गिरफ्तार किया गया जबकि 50 से 60 लोगों को हिरासत में लिया गया।’

मजदूरों ने बताया कि लॉकडाउन का समय काफी लंबा खींच गया है इसके चलते आमदनी का कोई जरिया नहीं बचा है। पहली बार मजदूरों में 11 अप्रैल को घर जाने के लिए विरोध प्रदर्शन किया था। पुलिस ने भीड़ को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज भी किया था। साथ ही पुलिस ने 60 लोगों को हिरासत में लिया था।


    देश के अच्छे तथा सभ्य परिवारों में रिश्ता देखें - Register FREE