मथुरा कोर्ट ने पत्रकार सिद्दीकी कप्पन को जमानत देने से किया इनकार

मथुरा की एक अदालत ने मंगलवार को पत्रकार सिद्दीकी कप्पन की जमानत याचिका खारिज कर दी. बता दें कि सिद्दीकी कप्पन को यूपी पुलि’स ने सितंबर 2020 में हाथरस जिले के एक गाँव के रास्ते में उठाया था, जब वे एक दलित महिला के साथ कुछ उच्च जाति के पुरुषों द्वारा बला’त्कार और पिटा’ई की घटना को कवर करने जा रहे थे।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार पांडेय ने जमानत से इनकार करने के लिए की गई जांच के दौरान उनके खिलाफ एकत्र की गई कथित सामग्री का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि कप्पन के खिलाफ आरोप यह है कि उन्होंने सह-अभियु’क्तों के साथ मिलकर समाज के भीतर दुश्म’नी को बढ़ावा दिया और समाज में व्याप्त सांप्रदा’यिक सद्भाव को प्रभावित किया।

उन्होंने आगे कहा कि यह आरोप लगाया गया है कि कप्पन ने राष्ट्र की अखंडता को प्रभावित करने और नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से विदेशी धन प्राप्त किया था और जांच के दौरान, यह पता चला था कि वह पीएफआई का कार्यकर्ता है और विरोधी गतिविधियों में लिप्त है।

कोर्ट का ये निर्णय 15 जून 2021 को मथुरा की एक अदालत द्वारा कप्पन और अन्य के खिलाफ शांति भंग की आशंका से संबंधित आरोपों को हटा दिए जाने के बाद आया है। इस दौरान पुलिस छह महीने के भीतर मामले की जांच पूरी करने में विफल रही थी।

कप्पन केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (KUWJ) की दिल्ली इकाई के सचिव भी हैं। ने हाल ही में अपनी 90 वर्षीय माँ, खदीजा कुट्टी को लंबी बीमारी के कारण खो दिया। फरवरी में, उन्हें अपनी मां से मिलने के लिए पांच दिनों की अंतरिम जमानत दी गई थी।