No menu items!
29.1 C
New Delhi
Friday, September 17, 2021

लक्षद्वीप की जनता ने मोदी सरकार के ‘पक्षपातपूर्ण’ नियमों के विरोध में शुरू की भूख हड़ताल

- Advertisement -

केंद्र की मोदी सरकार द्वारा तीन प्रस्तावित नए नियमों के विरोध में लक्षद्वीप की जनता ने सोमवार को 12 घंटे की भूख हड़ताल की। लोगों को डर है कि इन नियमों के लागू होने से द्वीप की अनूठी संस्कृति और परंपरा को नष्ट हो जाएगी। बता दें कि लक्षद्वीप लगभग 70,000 निवासियों का घर है।

सेव लक्षद्वीप फोरम नामक संगठन ने कहा कि स्थानीय निवासी अपने घरों में उपवास कर रहे है। इस दौरान आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर सभी दुकानें और प्रतिष्ठान सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बंद रहे। लक्षद्वीप के इतिहास में पहली बार इतना बड़ा विरोध देखा गया है।

मंच के संयोजकों में से एक यूसीके थंगल ने कहा, “यह पहली बार है जब सभी द्वीप इस तरह का विरोध कर रहे हैं। हालांकि हमें बार-बार आश्वासन दिया गया है कि स्थानीय भावनाओं को सुना और संबोधित किया जाएगा, लेकिन प्रशासक अपने पक्षपातपूर्ण और प्रतिगामी निर्णयों के साथ आगे बढ़ रहा है।”

पटेल द्वारा पेश किए गए कई नए प्रस्तावित नियम विवादित है, जिसमें गोमांस प्रतिबंध, भूमि संशोधन नियम और असामाजिक गतिविधियों के विनियमन विधेयक के मसौदे को पेश करना शामिल है। दिसंबर 2020 में लक्षद्वीप के प्रशासक का अतिरिक्त प्रभार संभालने वाले पटेल ने हाल ही में तीन नियमों के मसौदे पेश किए।

द्वीपों के निवासियों को तख्तियां लिए हुए देखा गया, जिस पर लिखा था, “हम जिस भूमि पर पैदा हुए हैं, उस पर शांति से रहें” और “हम विकास के खिलाफ नहीं हैं; झूठी सूचना का प्रचार न करें।”, द न्यूज मिनट के अनुसार, अधिकांश तख्तियों में एक ही संदेश था: “लक्षद्वीप बचाओ, लोकतंत्र बचाओ”।

- Advertisement -

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest article