कश्मीर के हिलाल अहमद बने राफेल जेट उड़ाने वाले पहले IAF पायलट

राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप फ्रांस से भारत पहुँचने वाली है। जिसमे पांच विमान शामिल है। एयर कमोडोर हिलाल अहमद राथर राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप लेकर भारत आ रहे है। उन्होने फ्रांस से भारत के लिए सोमवार को उड़ान भरी।

हिलाल अहमद राथर वर्तमान में फ्रांस में भारत का एयर अटैच के पद पर तैनात है। हिलाल दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के बख्शीबाद के रहने वाले हैं। उन्होंने इलाके के सैनिक स्कूल से पढ़ाई की है। एयर कमोडोर हिलाल अहमद को साल 1988 में एयरफोर्स में कमीशन किया गया था। वो अब फ्लाइट लेफ्टिनेंट से एयर कमांडर बन चुके हैं।

हिलाल के पिता दिवंगत मोहम्मद अब्दुल्लाह राथर जम्मू एवं कश्मीर के पुलिस विभाग से पुलिस उपाधीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। हिलाल की तीन बहनें हैं और अपने माता-पिता के वह इकलौते पुत्र हैं। हिलाल को वायुसेना मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल मिल चुका है।

मिराज-2000, मिग-21 और किरण विमानों पर 3,000 घंटों की दुर्घटनामुक्त उड़ानों के निष्कलंक रिकॉर्ड के साथ हिलाल का नाम अब भारत में राफेल के साथ हमेशा के लिए जुड़ जाएगा। बताया जा रहा है कि वो एनडीए में स्वॉर्ड ऑफ ऑनर भी जीत चुके हैं।

ट्विटर पर Anantnag टॉप ट्रेंड में है। कश्मीर के लोग इस बात पर फक्र कर रहे हैं कि राफेल में बैठने वाला पहला व्यक्ति उनके अनंतनाग का निवासी है। बता दें कि इन पांच राफेल लड़ाकू विमानों को बुधवार दोपहर वायुसेना में शामिल किये जाने की उम्मीद है।


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