कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर के आदेश देने वाले जस्टिस मुरलीधर का तबादला

पिछले तीन दिनों से देश की राजधानी में मुस्लिमों की जारी हिं’सा के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में बुधवार को सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस को फटकार लगाने और भड़काऊ बयान देने वाले बीजेपी नेताओं के खिलाफ एफ़आईआर के आदेश देने वाले दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस एस. मुरलीधर का मोदी सरकार ने ट्रांसफर कर दिया। केंद्रीय कानून मंत्रालय की तरफ से जारी गजट नोटिफिकेशन में उन्हें पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट में ट्रांसफर किया गया है।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भारत के मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबड़े के साथ परामर्श करने के बाद जस्टिस एस मुरलीधर का तबादला दिल्ली उच्च न्यायालय से पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में किया है। इसके साथ ही उन्हें अपने कार्यालय का प्रभार संभालने का निर्देश भी दिया है। न्यायमूर्ति मुरलीधर दिल्ली उच्च न्यायालय के तीसरे वरिष्ठ न्यायाधीश हैं।

बता दें कि दिल्ली में हुई हिंसा में घायलों को सुरक्षा और बेहतर इलाज के लिए दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस मुरलीधर के घर आधी रात को सुनवाई हुई थी। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिए थे कि वह मुस्तफाबाद के एक अस्पताल से एंबुलेंस को सुरक्षित रास्ता दे और मरीजों को सरकारी अस्पताल में शिफ्ट कराया जाए।

वहीं बुधवार को सुनवाई के दौरान भड़काऊ भाषणों के मामले में कपिल मिश्रा समेत दूसरे नेताओं के ख़िलाफ़ एक्शन ना लेने पर दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई थी। उन्होने दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर से कहा कि वो जाकर अपने कमिश्नर को बता दें कि अदालत बहुत नाराज़ है।

हाई कोर्ट ने कहा कि बीजेपी के तीन नेताओं अनुराग ठाकुर, परवेश वर्मा और कपिल मिश्रा पर एफ़आईआर दर्ज होनी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि अन्य वीडियो के आधार पर भी एफ़आईआर दर्ज की जाए। अदालत ने कहा कि पुलिस इस मामले में गुरुवार को अदालत को बताए कि कितनी प्रगति हुई है।


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