Home राष्ट्रिय क्या जस्टिस लोया की मौत से जुड़े मामले को लेकर 4 जजों...

क्या जस्टिस लोया की मौत से जुड़े मामले को लेकर 4 जजों में थी नाराज़गी?

137
SHARE

नई दिल्ली । आज़ाद भारत के इतिहास में शुक्रवार का दिन इतिहास में दर्ज हो गया। पहली बार देश की सर्वोच अदालत के 4 वरिष्ठ जजों ने प्रेस कॉन्फ़्रेन्स कर सीजेआई दीपक मिश्रा पर कई गम्भीर आरोप लगाये। जजों का आरोप था की सीजेआई ने कई संवेदनशील मामलों को अपनी पसंद की बेंच को असाइन किए है। जब पत्रकारों ने पूछा की क्या यह जस्टिस लोया की मौत से जुड़ा मामला है तो उन्होंने कहा हाँ।

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

शुक्रवार से ही पूरे देश में इस बात को लेकर चर्चा चल रही है की आख़िर क्यों चार जजों को प्रेस कॉन्फ़्रेन्स कर अपनी बात देश के सामने रखनी पड़ी। आख़िर वो कौन से केस है जिनकी वह बातें कर रहे है। दरअसल इसकी शुरुआत पीछले साल नवम्बर में मेडिकल कॉलेज से जुड़े एक मामले को लेकर हुई। तब जस्टिस चेलामेश्वर के एक आदेश को चीफ़ जस्टिस ने रद्द कर दिया था।

इसके बाद जस्टिस लोया की संदिग्ध हालातों में हुई मौत के मामले में जस्टिस चेलामेश्वर समेत सभी चारों जजों ने चीफ़ जस्टिस से गुहार लगायी की यह मामला वरिष्ठ जजों की बेंच को सौंपा जाए। सभी जजों का मानना था की यह न्यायपालिका और राष्ट्र की अखंडता के महत्व का मामला है इसलिए इसे वरिष्ठ जजों की बेंच को ही सौंपा जाए। लेकिन चीफ़ जस्टिस ने उनकी माँग को ख़ारिज कर दिया।

चीफ़ जस्टिस के इंकार के बाद सभी जजों ने मीडिया से बात करने का फ़ैसला किया। हालाँकि सुप्रीम कोर्ट के सूत्रों का कहना है कि इस मामले में चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा का फैसला नवंबर 2017 के उस फैसले पर आधारित था जिसमें सीजेआई को ‘मास्टर ऑफ द रोस्टर’ बताया गया था। इसके मुताबिक चीफ जस्टिस को अपनी पसंद की बेंचों को मामले सौंपने, बेंच गठित करने और बेंचों में जजों की संख्या तय करने का विवेकाधिकार है।

मालूम हो कि जस्टिस लोया सोहराबुद्दीन शेख फेक एनकाउंटर मामले की सुनवाई कर रहे थे। इस मामले में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह आरोपी थे। 1 दिसम्बर 2014 को जस्टिस लोया नागपुर में संदिग्ध हालातों में मृत पाए गए थे। इसके एक महीने बाद सीबीआइ अदालत ने अमित शाह को मामले से बरी कर दिया था। लेकिन अब जस्टिस लोया के परिवार वालों ने उनकी मौत को संदिग्ध बताते हुए मामले की जाँच की माँग की है। फ़िलहाल सप्रीम कोर्ट उनकी याचिका पर सुनवाई करने के लिए तैयार हो गया है।

Loading...