CAA विरोध मामले में गिरफ्तार जामिया छात्र 7 दिन की पुलिस हिरासत में

नई दिल्ली. नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान जामिया क्षेत्र में भड़की हिं’सा के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र आसिफ इकबाल तनहा को दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अजय कुमार जैन ने तन्हा को 27 मई तक हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने कहा था कि दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिं’सा की पूरी साजिश का खुलासा करने के लिए उसे रिमांड पर लेने की जरूरत है। इसके अलावा जांच के दौरान जुटाए गए इलेक्ट्रॉनिक डेटा के बारे में भी उससे पूछताछ करनी है।

आसिफ जामिया मिल्लिया इस्लामिया में फारसी भाषा में बीए का छात्र है। आसिफ पर यूएपीए के तहत भी कार्रवाई की गई है। पुलिस के मुताबिक आसिफ छात्र इस्लामी संगठन का सक्रिय सदस्य है और नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हुई हिं’सा में शामिल रहा है। गुरुवार को ही दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने शादाब नाम के एक शख्स को भी चांदबाग इलाके से गिरफ्तार किया है।

गौरतलब है कि, 15 दिसंबर को जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्रों और स्थानीय निवासियों सहित कई प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध में संसद तक विरोध मार्च निकाला था, जिसे मथुरा रोड पर पुलिस द्वारा रोक दिया गया था। न्यू फ्रेंडस कॉलोनी में पुलिस के साथ हुई झड़प के बाद प्रदर्शनकारियों ने चार बसों और दो पुलिस वाहनों को जला दिया था।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया था और विश्वविद्यालय परिसर में घुसने से पहले भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े थे, जिसमें कई छात्र घाय’ल भी हुए। पुलिस ने हिं’सा में कथित तौर पर शामिल कई लोगों को हिरासत में लिया था। पुलिस पर आरोप है कि वह बिना इजाजत यूनिवर्सिटी परिसर में घुसी है और स्टूडेंट्स पर बलपूर्वक कार्यवाई की। कई राजनेताओं द्वारा पुलिस की कार्रवाई की निंदा की गई थी।


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