IPL ने नहीं तोड़ा चीनी कंपनी से करार, उमर का तंज़ – जनता कर रही चीनी सामानों का बहिष्कार….

लद्दाख में LAC पर 20 जवानों की चीनी सैनिकों के हाथों शहादत के बाद देश भर में चीनी सामानों के बहिष्कार की मुहिम शुरू की गई। लेकिन आईपीएल (IPL) ने वीवो जैसी चाइनीज कंपनियों के साथ अपनी स्पॉन्सरशिप जारी रखी। इस पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तंज़ कसा है।

उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, ‘कोई बड़ी बात नहीं कि चीन मन ही मन इस बात पर खुश हो रहा होगा कि हम वहां से मिलने वाले निवेश, स्पॉन्सरशिप और एडवरटाइजिंग को लेकर कितने कन्फ्यूज हैं। इस बात पर हमेशा शक रहता है कि क्या हम वाकई चीन की कंपनियों के बिना मैनेज नहीं कर सकते? अब चीन को भी कमजोरी पता चल जाएगी।’

‘चीन की घुसपैठ की वजह से एक तरफ लोग उसके सामान का बायकॉट कर रहे हैं। दूसरी तरफ आईपीएल में चीन को छूट दी जा रही है। मुझे उन लोगों के लिए अफसोस हो रहा है, जिन्होंने अपने मेड इन चाइना टीवी बालकनी से फेंक दिए थे।’

बता दें कि हाल ही में आईपीएल के गवर्निंग काउंसिल ने सभी पुराने स्पॉन्सर्स को रिटेन किया है। इन स्पॉन्सर्स में चीनी मोबाइल कंपनी विवो भी शामिल है। वीवो टाइटल प्रायोजक है जबकि पेटीएम, ड्रीम 11, बाईजूस और स्विगी में चीनी निवेश शामिल है।

करार तोड़े जाने के सबंध में बीसीसीआई अधिकारी ने हाल ही में कहा था कि इस मुश्किल समय में कौन वीवो को रिप्‍लेस करेगा। कौन बीसीसीआई को उसी के बराबर 400 करोड़ रुपये देगा। इस मार्केट में, कोई भी इतना पैसा नहीं दे सकता। आईपीएल के 13वें सीजन का आयोजन 19 सितंबर से 10 नवंबर के बीच यूएई में होगा। बीसीसीआई को भारत सरकार की मंजूरी भी मिल गई है। 


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