भारत के स्थायी संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन हुए रिटायर, टीएस तिरुमूर्ति ने ली जगह

नई दिल्‍ली: संयुक्‍त राष्‍ट्र संघ (United Nations) में भारत के परमानेंट प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन दो दिन पहले रिटायर हो चुके है। ऐसे में अब अनुभवी राजनयिक टी. एस. तिरुमूर्ति को बुधवार को संयुक्त राष्ट्र में भारत का स्थाई प्रतिनिधि नियुक्त किया गया।

1985 बैच के आईएफएस( इंडियन फॉरेन सर्विस) अधिकारी सैयद अकबरुद्दीन 2016 से संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत के स्थाई प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता के तौर पर उन्‍होंने ट्विटर पर डिप्‍लोमेसी को नई धार दी। अकबरुद्दीन ने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्‍ट किया है जिसमें वह UN के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से आखिरी बार ‘नमस्‍ते’ करते दिख रहे हैं।

सैयद अकबरुद्दीन ने UN के सेक्रटरी जनरल से आखिरी बार वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिए बात की। उन्‍होंने कहा, “जाने से पहले मेरी एक गुजारिश है। भारतीय परंपरा में जब हम मिलते हैं या विदा लेते हैं तो हम ‘हैलो’ नहीं कहते, ना ही हाथ मिलाते हैं। बल्कि हम नमस्‍ते करते हैं। इसलिए मैं खत्‍म करने से पहले आपको नमस्‍ते करना चाहता हूं। अगर आप भी ऐसा कर सकें तो मैं अपने एक साथी से फोटो लेने को कहूंगा।” इसके बाद उन्‍होंने हाथ जोड़े और UN चीफ से विदा ली।

अकबरुद्दीन ने विदेश मंत्रालय में अब तक कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। अगर उनके परिवार की बात करें तो उनके पिता एस बदरुद्दीन हैदराबाद की उस्मानिया यूनिवर्सिटी के पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष थे। बदरुद्दीन कतर में भारत के राजदूत भी बनाए गए थे। अकबरुद्दीन की मां डॉक्टर जेबा अंग्रजी की प्रोफेसर थीं।

आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद के सरगना मसूद अजहर को UN की ओर से ग्‍लोबल आतंकी घोषित करवाने में अकबरुद्दीन ने अहम भूमिका निभाई। चीन लगातार भारत की कोशिशों में अड़ंगा डाल रहा था मगर अकबरुद्दीन ने हार नहीं मानी। इसके अलावा, ग्‍लोबल मंच पर चीन की तरफ से कश्‍मीर मुद्दा उठाने की कोशिशों को भी अकबरुद्दीन ने फेल किया।


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