पहली बार भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 600 अबर डॉलर के पार, रूस को पीछे छोड़ने की तैयारी

पहली बार देश का विदेशी मुद्रा भंडार 600 अरब डॉलर को पार कर गया। 4 जून 2021 को खत्म हफ्ते में यह 6.842 अरब डॉलर बढ़ा है। भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई (Reserve Bank of India) के शुक्रवार को ये जानकारी दी।

रिजर्व बैंक के साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 605.008 अरब डॉलर की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। इस बढ़ोतरी का कारण विदेशी मुद्रा आस्तियों (FCA) में हुई अच्छी वृद्धि है। यह कुल मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा होता है।

इससे पहले 28 मई, 2021 को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 5.271 अरब डॉलर बढ़कर 598.165 अरब डॉलर हो गया था। 21 मई को समाप्त सप्ताह में 2.865 अरब डॉलर बढ़कर 592.894 अरब डॉलर पर पहुंच गया था। वहीं, 14 मई, 2021 को समाप्त पिछले सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 56.3 करोड़ डॉलर बढ़कर 590.028 अरब डॉलर हो गया था।

विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां डॉलर में व्यक्त की जाती हैं। इसमें डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और येन में अंकित सम्पत्तियां भी शामिल हैं। अगर गोल्‍ड रिजर्व की करें तो इस दौरान इसमें गिरावट देखने को मिली है। विदेशी मुद्रा भंडार 600 अरब डॉलर या उससे अधिक के मामले में भारत से आगे रूसस्विट्जरलैंडजापान और चीन हैं।

आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार स्वर्ण भंडार 50.2 करोड़ डॉलर घटकर 37.604 अरब डॉलर पर आ गया है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ में विशेष आहरण अधिकार 10 लाख डॉलर घटकर 1.513 अरब डॉलर रह गए हैं। वहींआईएमएफ के पास आरक्षित देश का भंडार भी 1.6 करोड़ डॉलर घटकर पांच अरब डॉलर रह गया।