लद्दाख में चीनी आक्रामकता, समुद्र में भारतीय नौसेना ने तैनात किए युद्धपोत

नई दिल्ली । लद्दाख के गलवान वैली में हिंसक झड़प के सामने आने के बाद LAC पर हालात तनाव बने ही हुए है। ऐसे में अबभारतीय नौसेनाअरब सागर और बंगाल की खाड़ी में अपनी तैयारियां मुकम्मल कर रही है। नौसेना ने समुंदर में पूर्वी और पश्चिमी दोनों तरफ युद्धपोत और पनडुब्बियां तैनात कर दी हैं।

हिंदुस्तान टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि गलवान में चीनी सैनिकों के साथ झड़प के बाद से भारतीय नौसेना के युद्धक विमान और पनडुब्बियां अरब सागर के साथ ही बंगाल की खाड़ी में निगरानी बढ़ा दी है। एक वरिष्ठ कमांडक ने कहा कि चीनी युद्धपोत जो इंडोनेशिया के जरिए भारतीय महासागर में घुसने की योजना बना रहे थे, भारतीय नौसेना की तैयारियों को देखकर पीछ हट गए हैं।

पीएलए नौसेना ने म्यांमार, श्रीलंका, पाकिस्तान, ईरान और पूर्व अफ्रीका के एक तट पर कब्जा कर लिया है ताकि भारतीय नौसेना को रोकने के साथ-साथ अमेरिकी सेंट्रल कमांड फोर्स की उपस्थिति, फ्रांस और ब्रिटिश नौसेना को चुनौती दे सके।

म्यांमार के क्यौकप्यु बंदरगाह पर बीजिंग का 70 फीसदी हिस्सा है, जो बंगाल की खाड़ी की ओर स्थित है, दक्षिण श्रीलंका का हमबंथोटा बंदरगाह भारतीय महासागर को प्रभावित करता है, पाकिस्तान का ग्वाडर बंदरगाह गल्फ ऑफ ओमान की ओर स्थित है और ईरान का जास्क बंदरगाह पर्सियन गल्फ के छोर पर स्थित है।

भारत अब अधिक विमान वाहक खरीदने के बजाय, अंडमान निकोबार द्वीप समूह में सैन्य सुविधाओं को पूरी तरह से अपग्रेड करने के साथ-साथ पश्चिमी समुद्री तट पर लक्षद्वीप पर भी फोकस कर रहा है।

चीन को जवाब देने के लिए अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में भारतीय एयरबेस के नेटवर्क को बढ़ाना है ताकि नेविगेशन की आजादी और ओवरफ्लाइट्स का रख-रखाव किया जा सके और दक्षिण चीन सागर की तरह यहां पाबंदी ना लगे।


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