चीन को बड़ा झटका देगी मोदी सरकार – हाइवे प्रोजेक्ट्स में चीनी कंपनियों पर लगेगा बैन

भारत और चीन के जारी तनाव के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एंव राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि भारत के हाइवे प्रोजेक्ट में चीन की कंपनियां शामिल नहीं हो पाएंगी। अगर वो किसी भारतीय या फिर अन्य कंपनी के साथ ज्वाइंट वेंचर बनाकर भी बोली लगाती हैं तो भी उन्हें शामिल नहीं किया जाएगा।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग और MSME मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के विभिन्न क्षेत्रों में चीनी निवेशकों से कोई रिश्ता न रखा जाए। उन्होंने कहा कि MSME सेक्टर की देश की जीडीपी में 8 पर्सेंट की हिस्सेदारी है और इस अहम सेक्टर में चीनी घुसपैठ नहीं होने दी जाएगी।

उन्होंने न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘हम ऐसे जॉइंट वेंचर्स को सड़क निर्माण का काम नहीं देंगे, जिनमें कोई चीनी कंपनी पार्टनर के तौर पर शामिल हो। हमने यह फैसला लिया है कि यदि चीनी कंपनियां जॉइंट वेंचर के तौर पर भारत में आती हैं तो उन्हें काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।’

गडकरी ने कहा कि बहुत जल्द एक पॉलिसी लाई जाएगी जिसके आधार पर चाइनीज कंपनियों की एंट्री बंद होगी और भारतीय कंपनियों के लिए नियम आसान बनाए जाएंगे। भारतीय कंपनियों को पार्टिसिपेशन का ज्यादा से ज्यादा मौका मिले, इस पहलू को पॉलिसी बनाते समय ध्यान में रखा जाएगा।

हाइवे प्रॉजेक्ट्स में वर्तमान में चाइनीज निवेश को लेकर गडकरी ने कहा कि कुछ ही ऐसे प्रॉजेक्ट्स हैं, जिनमें चाइनीज निवेश शामिल हैं। ऐसे में उन्होंने वर्तमान में इश्यू टेंडर को लेकर कहा कि अगर चाइनीज वेंचर होगा तो टेंडर की प्रक्रिया दोबारा अपनाई जाएगी। नए नियम को लेकर उन्होंने कहा कि यह वर्तमान और आने वाले टेंडर पर लागू होंगे।

गौरतलब है कि फिलहाल देश के कुछ इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में चीनी कंपनियां साझेदार के रूप में काम कर रही हैं। गडकरी ने कहा कि नया निर्णय मौजूदा और भविष्य के सभी प्रोजेक्ट्स के लिए लागू होगा।


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