कोरोना संकट के बीच चीन ने यूएन में उठाया कश्मीर मुद्दा, भारत ने दिया कड़ा जवाब

जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को एक बार फिर चीन ने संयुक्त राष्ट्र में उठाया। हालांकि भारत ने संयुक्त राष्ट्र में चीनी मिशन के प्रवक्ता के कश्मीर पर दिए गए बयान को खारिज तो किया है और साथ ही कहा कि पेइचिंग इस मसले पर भारत के स्टैंड से बेहद अच्छे तरीके से वाकिफ है लिहाजा हमारे आंतरिक मामले में हस्तक्षेप न करे।

विदेश मंत्रालय के नवनियुक्त प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने मीडियाकर्मियों के सवालों के जवाब में यह बात कही। श्रीवास्तव ने कहा, ‘हम जम्मू-कश्मीर को लेकर संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी मिशन के प्रवक्ता के बयान को खारिज करते हैं।’ उन्होंने कहा कि चीन को इस मुद्दे पर हमारा रुख पता है। जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और रहेगा। जम्मू-कश्मीर से जुड़ा मुद्दा भारत का आंतरिक मसला है।

श्रीवास्तव ने आगे कहा कि इसलिए हमारी अपेक्षा है कि चीन सहित सभी देशों को हमारे आतंरिक मामले से दूर रहना चाहिए और भारत की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना चाहिए। हम चीन से यह भी उम्मीद करते हैं कि वह सीमा पार से हो रहे आतंकवाद और इससे भारत में जीवन पर पड़ रहे असर को समझेगा।

दरअसल, चीनी प्रवक्ता ने कहा था कि पेइचिंग कश्मीर के हालात पर नजर रखे हुए हैं और हमारा रुख इस पर नहीं बदला है। कश्मीर मुद्दे का इतिहास शुरू से ही विवादित रहा है और इसका समाधान संयुक्त राष्ट्र के चार्टर, सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और द्विपक्षीय तरीके से होना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 से संबंधित प्रावधानों को निरस्त करने के बाद चीन और पाकिस्तान बार-बार भारत के आंतरिक मामले में हस्तक्षेप की कोशिश कर रहे हैं। चीन ने जम्मू-कश्मीर के पुर्नगठन के भारत के कदम की आलोचना की है, खासकर लद्दाख को केंद्र शासित क्षेत्र बनाने के लिए उसने नयी दिल्ली की आलोचना की है क्योंकि वह लद्दाख के कई इलाकों पर अपना दावा जताता रहा है।


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