ऐतिहासिक होला मोहल्ला में लाखों श्रद्धालुओं के बीच शामिल था कोरोना पीड़ित

चंडीगढ़। पंजाब सरकार अब सिख पंथ के ऐतिहासिक होला मोहल्ला में गए श्रद्धालुओं को ढूंढ़ने में लगी है। चंद रोज़ पहले नवांशहर में कोरोना से पीड़ित जिस व्यक्ति बलदेव सिंह की मौ’त हो गई थी, वह होला मोहल्ला मेले में तीन दिन तक श्री आनंदपुर साहिब में रुका था। वह तीन दिन तक यहां वहां घूमता रहा, लंगर में सेवा भी की। माना जा रहा है कि वह हज़ारों लोगों के संपर्क में आया। अब पंजाब सरकार ने सभी ज़िलों के उपायुक्तों को पत्र जारी करके कहा है कि ऐसे श्रद्धालुओं की सूची तैयार करें और उन्हें सार्वजानिक स्थानों और घर से बाहर आने से रोकने की व्यवस्था जारी करे।  पंजाब ने कोरोना के संदिग्ध लोगों के बाजू पर स्टाम्प भी चस्पां की है, इसके बावजूद संदिग्ध लोगों के बाहर जाने की शंका के चलते पुलिस और लोगों को भी अलर्ट किया है।

पंजाब सरकार ने राज्य को 31 मार्च तक लॉक -डाउन कर  दिया है। सभी ज़िलों के उपायुक्तों को ये सूचना दी गई है कि वे होली के ठीक बाद हिमाचल प्रदेश की सीमा पर  पंजाब के एतिहासिक नगर श्री आनंदपुर साहिब में तीन रोज़ चलने वाले होला मोहल्ला में शामिल हुए श्रद्धालुओं की बारे में जानकारियां लें।

गौरतलब है कि श्री आनंदपुर साहिब को इस बात की सूचना मिलने के बाद ही सील  कर दिया गया था और बाजार बंद  हो गए थे। जिस डेरा में कोरोना पीड़ित मृत’क रुका था,  उसके पास स्थित एक घर में गुरुवार रात आठ साल की बच्ची में कोरोना के लक्षण मिले थे। गंभीर बात ये भी है कि कोरोना मृतक के गाँव के गुरुद्वारा के पाठी में भी कोरोना के लक्षण मिले थे। मृ’तक उस पाठी के संपर्क में था. इससे भी गंभीर बात ये भी है कि होला मोहल्ला के दौरान पंजाबी श्रद्धालुओं द्वारा साथ में ही हिमाचल के बिलासपुर के गुरु का लाहौर , श्री नैना देवी और मणिकर्ण साहिब में भी माथा टेकने की परम्परा है। पंजाब सरकार के साथ हिमाचल सरकार को भी चिंता इसी बात की है कि मृतक इन स्थानों पर तो नहीं गया था , इसकी जांच चल रही है।

चूँकि होला मोहल्ला में शामिल हुए श्रद्धालु अपने अपने स्थानों पर वापस लौट चुके है, इसलिए राज्यों और उसके प्रशासन के लिए अब उन्हें ढूंढ़ना मुश्किल हो रहा है।  पंजाब में जिला स्तर पर भी प्रशासन द्वारा ऐसी सूचनाएँ जारी की जा रही है कि जो लोग होला मोहल्ला त्यौहार से वापिस लौटे है  उनमें अथवा उनके पारिवारिक सदस्यों में खांसी , सर्दी , बुखार के लक्षण नज़र आये तो तत्काल जिले के 24 घंटा खुला रहने वाले कण्ट्रोल रूम में संपर्क करें। राज्य भर की 52,000 से अधिक आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों के अतिरिक्त सहकारी सभाओं के कर्मचारियों को घर -घर जा कर सर्वे करने के लिए और लोगों को चेतन करने के लिए कहा गया है।

इधर , एक दिन पूर्व तक शिरोमणि गुरद्वारा प्रबंधक कमेटी इस  अड़ी हुई थी कि मंदिरों की भांति श्री हरिमंदिर साहिब व अन्य गुरद्वारों के द्वार बंद नहीं किये जाएंगे और श्रद्धालुओं के आने पर रोक नहीं रहेगी।  हालांकि सिख श्रद्धालुओं ने शिरोमणि कमेटी के इस तर्क को नज़रअंदाज़ करते हुए गुरूद्वारों में प्रवेश नहीं किया। परन्तु होला मोहल्ला की घटना के बाद श्री अकाल तखत साहिब के जत्थेदार को शिरोमणि गुरद्वारा प्रबंधक कमेटी के निर्णय को रद्द करना पड़ा और श्रद्धालुओं को घर में ही पूजा -पाठ करने के लिए कहना पड़ा।


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