आयकर विभाग ने पीएफआई से छीनी चैरिटेबल ट्रांजैक्शन की सुविधा, विदेशी फंडिंग पर भी रोक

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए आयकर विभाग ने संगठन से इनकम टैक्स के नियमों में मिल रही छूट को कम कर दिया। साथ ही विदेशो से मिलने वाली फंडिंग पर भी रोक लगा दी है। विभाग ने पीएफआई को आयकर विभाग से 12एए (3) के तहत मिली मान्यता को रद्द कर दिया।

आयकर विभाग की इस कार्रवाई के बाद अब पीएफआई को आयकर का भुगतान करना होगा और जो लोग इसे दान करते हैं उन्हें आयकर छूट भी नहीं मिलेगी। विभाग की ओर से मार्च में जारी आदेश में कहा गया है कि पीएफआई को दिया गया कर लाभ आकलन वर्ष 2016-17 से ‘रद्द किया जा रहा है/वापस लिया जा रहा है।’’

आयकर विभाग की इस कार्रवाई को लेकर एडीजी लॉ एन्ड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश पुलिस को भी आर्थिक मामलों में एक्शन लेने में मदद मिलेगी। बता दें कि पीएफआई की स्थापना 2006 में केरल में हुई थी। इसका मुख्यालय दिल्ली में है।

पीएफआई सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) का छात्र संगठन है। 16 राज्यों में फैले इस संगठन की महिला विंग भी है।  पीएफ़आई के खिलाफ एनआईए कई मामलों में जांच कर रही है। झारखंड की बीजेपी सरकार ने इस पर प्रतिबंध लगाया था। लेकिन हाईकोर्ट ने इस प्रतिबंध को रद्द कर दिया था।

पीएफआई मुस्लिमों, दलितों और आदिवासियों से जुड़े मुद्दों को उठाता है। सीएए और एनआरसी के खियाफ हुए आंदोलन में पीएफ़आई की सक्रिय भूमिका रही है।