गर्भवती महिला को अस्पतालों ने भर्ती करने से किया मना, ऑटो रिक्शा में तोड़ा दम

कोरोना को लेकर जारी लॉकडाउन के बीच मुंबई के नजदीक ठाणे के मुंब्रा इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक गर्भवती महिला ने अस्पतालो की और से इलाज से इंकार कर देने के बाद ऑटो रिक्शा में दम तोड़ दिया।

जनसत्ता के मुताबिक महक खान को कई अस्पताल ने एडमिट करने से इनकार कर दिया और फिर अंत में ऑटोरिक्शा के अंदर ही उनकी मौ’त हो गई। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता राम कदम ने महक खान का एक वीडियो भी शेयर किया है। वीडियो में नजर आ रहा है कि महिला ऑटोरिक्शा में मृत अवस्था में पड़ी हुई हैं। एक युवक भी महिला के साथ नजर आ रहे हैं। इसके अलावा पीपीई किट पहनी एक चिकित्सक महिला को होश में लाने की कोशिश कर रही हैं। लेकिन उन्होंने दम तोड़ दिया था। वीडियो में रोने की आवाज भी सुनाई दे रही है। वीडियो शेयर करते हुए भाजपा नेता ने कि ‘मुंब्रा में एक गर्भवती महिला बच्चे के जन्म से पहले 2 घंटे तक एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल का चक्कर काटती रही औरत ने सड़क पर रिक्शे में ही दम तोड़ दिया?’

वहीं एक अन्य मामले में मुंब्रा की रहने वाली 26 साल की आसमां मेहंदी को लेबर पेन होने लगा। आसमां को उचित इलाज़ के लिए इलाके के तीन अस्पतालों के चक्कर लगाए पर तीनों ने भर्ती करने से मना कर दिया। अस्पतालों के चक्कर लगाते लगाते आसमां ने दम तोड़ दिया।

मामले में मुंब्रा पुलिस के जांच अधिकारी बालासाहेब काम्बले ने बताया, ”पीड़ितों के परिवार के शिकायत के बाद आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। मुंब्रा पुलिस ने महक खान और आसमा मेहंदी को पीड़ित बताकर मुंब्रा पुलिस ने तीन अस्पतालों के खिलाफ FIR दर्ज किया है जिन्होंने इन दोनों गर्भवती महिलाओं को अपने अस्पताल में दाखिल करने से मना किया था। मुंब्रा पुलिस इस मामले की तहकीकात कर रही है।”

FIR कॉपी के मुताबिक सबसे पहले बिलाल अस्पताल , उसके बाद प्राइम क्रिटीकेयर अस्पताल और फिर यूनिवर्सल हॉस्पिटल पर आसमां को ले जाया गया पर इन तीनों जगहों पर महक को एडमिट करने से मना कर दिया गया।


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