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Tuesday, October 19, 2021

ओलंपिक में हार के बाद हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया के परिवार को जातिसूचक शब्दों का सामना करना पड़ा

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, बुधवार को टोक्यो ओलंपिक में भारत के अर्जेंटीना से हारने के कुछ घंटों बाद, हरिद्वार के एक गांव में हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया के परिवार को उच्च जाति के दो लोगों ने जातिवादी गालि’यां दी।

पुलि’स अधिकारी एलएस बुटोला ने कहा कि पुलि’स ने उनमें से एक को हिरासत में ले लिया है लेकिन अभी तक मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की है। कटारिया के परिवार ने अखबार को बताया कि दोनों लोगों ने कहा कि भारत मैच हार गया क्योंकि टीम में “बहुत सारे दलित खिलाड़ी” थे।

कटारिया के भाई शेखर ने बताया कि मैच के तुरंत बाद परिवार ने रोशनाबाद गांव में अपने घर के बाहर पटाखों की आवाज सुनी। उन्होंने कहा, “जब हम बाहर गए तो हमने देखा कि हमारे गांव के दो आदमी – हम उन्हें जानते हैं और वे उच्च जाति के हैं – हमारे घर के सामने नाच रहे हैं।”

शेखर ने आरोप लगाया कि पुरुषों ने उनके परिवार का अपमान किया। उन्होंने पुलि’स को दी अपनी शिकायत में कहा, “वे कहते रहे कि सिर्फ हॉकी ही नहीं बल्कि हर खेल में दलितों को बाहर रखना चाहिए।” “फिर, उन्होंने अपने कुछ कपड़े उतार दिए और फिर से नाचने लगे। यह एक जाति आधारित ह’मला था।”

हॉकी खिलाड़ी के भाई ने कहा कि उनका परिवार भारत की हार से परेशान है लेकिन टीम के खेलने पर गर्व है।  इस मामले में स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने ट्वीट किया, “एक राष्ट्रीय नायक का अपमान किया गया, क्योंकि वह दलित है।”

उन्होने लिखा, “एक दलित लड़की का बला’त्कार किया गया, ह’त्या कर दी गई। और हम दिखावा करते हैं कि जाति मौजूद नहीं है! यह आज सुबह की खबर है, वंदना कटारिया के बारे में, जिन्होंने क्यूफ़ाइनल [क्वार्टर फ़ाइनल] में वह जादुई हैट्रिक बनाई।

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