Home राष्ट्रिय ASI को दिल्ली में मिला मुगलकाल का बेशकीमती छिपा हुआ खजाना

ASI को दिल्ली में मिला मुगलकाल का बेशकीमती छिपा हुआ खजाना

237
SHARE

दिल्ली के मशहूर ऐतिहासिक स्मारक हुमायूं के मकबरे के पास स्थित सब्ज बुर्ज  में मुगलकाल के बेशकीमती खजाने की खोज हुई है। 16वीं शताब्दी के इस बुर्ज की छत पर संरक्षणकर्ताओं ने छिपी हुई पेंटिंग्स की खोज की है। जो नीले, पीले, लाल और सफेद रंग से बनी हुई है। इन पेंटिंग्स में तो कई पेंटिंग्स सोने की बनी हुई हैं।

भारतीय संस्कृति और पुरातत्व सर्वेक्षण आगा खान ट्रस्ट के तहत काम कर रहे कंजर्वेटर्स का कहना है कि पहली बार दिल्ली में एक स्मारक पर 16वीं शताब्दी की शुरुआत की इस प्रकार की पेंटिंग पाई गई है।

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

सब्ज बुर्ज, टिमुरिड आर्किटेक्चर की तर्ज पर सबसे पुरानी मुगल इमारतों में से एक है और प्लास्टरवर्क, चमकीले सिरेमिक टाइल्स और बेशकीमती पत्थरों से इसे खूबसूरती से सजाया गया है। बेहतरीन प्लास्टरवर्क, सिरेमिक टाइल्स और शानदार पत्थरों की नक्काशी वाली यह इमारत स्थापत्य कला का अद्भुत नमूना है।

एक अधिकारी ने बताया कि 20वीं सदी के सीमेंट और लाइम-वॉश लेयर्स को हटाने पर, 16वीं शताब्दी के चित्रित सजावट के कुछ अवशेष गुंबददार छत पर खोजे गए, जोकि वास्तव में नीले, पीले, लाल, सफेद और यहां तक कि सोने के साथ पूरी तरह से कवर किया गये थे।

अधिकारी ने बताया कि हालांकि दीवार की सतहों पर पेंटिंग के निशान दिखाई दे रहे थे, यह उम्मीद जताई गई थी कि छत को प्लास्टर पैटर्न के साथ सजाया गया होगा, लेकिन छत की पेंटिंग ने सभी को हैरानी में डाल दिया।

पेटिंग का ज्यादातर हिस्सा बारिश के पानी से खराब हो गया है और प्रयास किया जा रहा है कि दोबारा ऐसा न हो। अगा खां ट्रस्ट फॉर कल्चर और हैवेल्स की टीम जानकारों से राय ले रही है कि किस तरह इमारत के अन्य लेयर हटाएं जाएं।

Loading...