सफूरा जरगर की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट ने पुलिस से मांगी स्टेटस रिपोर्ट

नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली हिंसा के मामले में जेल में बंद जामिया यूनिवर्सिटी की छात्रा सफूरा जरगर की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। हाई कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली पुलिस को यूएपीए के तहत गिरफ्तार जामिया समन्वय समिति की सदस्य सफूरा जरगर की जमानत याचिका पर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है।

सफूरा ने फरवरी में नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक हिं’सा से संबंधित एक मामले में जमानत की मांग की है। जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय की एमफिल की छात्रा जरगर चार महीने से अधिक की गर्भवती हैं और वो पोलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम से पीड़ित है। उसे इस बीमारी से अपने गर्भ के मिसकैरिज होने का खतरा है।

न्यायमूर्ति राजीव शकधर ने पुलिस को नोटिस जारी किया और उससे जमानत याचिका पर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा। हाई कोर्ट ने मामले को अगली सुनवाई के लिए 22 जून को सूचीबद्ध किया।  पिछले 30 मई को सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जरगर की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा था कि उसने भड़काऊ भाषण दिया था।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल से पूछा था कि दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शनों और यूएपीए में क्या संबंध है। तब स्पेशल सेल ने कहा था कि सफूरा जरगर ने दंगा फैलाने के मकसद से भड़काऊ भाषण दिया था। इसके लिए पहले से तैयारी की गई थी। इसीलिए सफूरा जरगर को यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया गया है।

सफूरा जरगर ने दिल्ली के कई हिस्सों में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था। सफूरा जरगर ने जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के बाद रोड जाम कराने में अहम भूमिका निभाई थी। कोर्ट ने पिछले 26 मई को सफूरा जरगर की न्यायिक हिरासत 25 जून तक बढ़ा दी थी। सफूरा जरगर को दिल्ली पुलिस ने 11 अप्रैल को गिरफ्तार किया था।


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