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गोरक्षक प्रधानमंत्री की भी नहीं सुन रहे, चिंता की है बात: पूर्व उपराष्ट्रपति अंसारी

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पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने गौरक्षा के नाम पर हो रही हिंसा को लेकर कहा कि गौरक्षकों द्वारा पीएम मोदी की बात न सुनना चिंता की बात है। उन्होने कहा कि देश में गोरक्षा के नाम पर हिंसा बढ़ रही है।

आईएएनएस के साथ एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “मोदी एक मजबूत नेता है, वे अपनी पार्टी के ऐसे नेता हैं जिनसे कोई सवाल नहीं करता है, यदि उनकी अपील को भी नहीं सुना जाता है तो ये गंभीर चिंता का विषय है, कहने की जरूरत नहीं है कि कुछ ऐसे भी लोग उनकी पार्टी में हैं जो पीएम की नहीं सुन रहे हैं, मैं कोई निष्कर्ष नहीं निकाल रहा हूं।”

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अपनी किताब ‘डेयर आई क्वेश्चन’ के रिलीज के मौके पर उन्होने कहा,  “मैंने पुस्तक में विभिन्न मुद्दों पर प्रकाश डाला है, जैसे भारतीय होना क्या है, भारतीय राष्ट्रवाद क्या है या हम खुद को बहुलवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक क्यों कहते हैं।” अंसारी ने जोर देकर कहा कि समाज में अहिष्णुता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं कहा जा सकता कि मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद ही सांप्रदायिक विभाजन उभरा, बल्कि यह काफी लंबे समय से है।

उन्होंने कहा, “असहिष्णुता लंबे समय से हमारे समाज में रही है। लेकिन मुझे लगता है कि जब पानी का स्तर बढ़ता है, तो आप प्रारंभ में उसपर गौर नहीं करते हैं और यह बढ़ता जाता है। उसके बाद आपकी नजर उसपर पड़ती हैं, और आज यही हो रहा है।”

उन्होंने आईएएनएस से कहा, “हां, अतिसतर्कता (विजिलैंटिज्म) उफान पर है। इस बारे में राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लिखा गया है। अंतर्राष्ट्रीय समाचार पत्रों ने कहा है कि इसमें वृद्धि हुई है। मैं कोई सटीक तारीख (कि पहली बार इस पर कब गौर किया गया था) .. विभिन्न अवसर, विभिन्न स्थान नहीं बता सकता । यह कई वर्षो से चल रहा है।”

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