खाद्य सुरक्षा से वंचित 54 लाख परिवारों को मुफ्त में गेहूं देगी: गहलोत सरकार

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कोरोना महामारी से उपजी संकट की इस घड़ी में किसी व्यक्ति को भूखा नहीं सोना पड़े, इसके लिए राज्य सरकार एफसीआई से बाजार दर पर गेहूं खरीदकर खाद्य सुरक्षा से वंचित प्रदेश के 54 लाख पात्र लोगों एवं निराश्रित व्यक्तियों समेत करीब 60 लाख जरूरतमंदों को दस-दस किलो निशुल्क गेहूं उपलब्ध कराएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान जनसंख्या के अनुसार प्रदेश में 54 लाख व्यक्ति पात्र होते हुए भी खाद्य सुरक्षा योजना के लाभ से वंचित हैं। केन्द्र इन जरूरतमंद लोगों के लिए खाद्य सुरक्षा के तहत प्रदेश को यह अतिरिक्त गेहूं का आवंटन करे। गहलोत ने कहा कि एनएफएसए के तहत केन्द्र द्वारा वर्ष 2011 की राज्य की 6 करोड़ 86 लाख की जनगणना को आधार मानते हुए शहरी क्षेत्र में 53 प्रतिशत तथा ग्रामीण क्षेत्र में 69 प्रतिशत व्यक्तियांें की सीलिंग निर्धारित कर प्रदेश के 4.46 करोड़ परिवारों को प्रतिमाह 2 लाख 32 हजार 631 मैट्रिक टन गेहूं का आवंटन किया जा रहा है।

जबकि वर्ष 2019 में राज्य की जनसंख्या करीब 7 करोड़ 74 लाख हो चुकी है। जिसमें ग्रामीण जनसंख्या 5 करोड़ 82 लाख तथा शहरी जनसंख्या 1 करोड़ 92 लाख है। ताजा जनसंख्या के आधार पर शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में कुल 5.04 करोड़ व्यक्ति सामाजिक सुरक्षा की इस महत्वपूर्ण योजना के दायरे में आने चाहिएं।

गहलोत ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण देशव्यापी आर्थिक संकट के चलते बेरोजगार हुए गरीबों, जरूरतमंदों, कामगारों तथा मेहनत-मजदूरी करके अपना जीवन पालने वाले लोगों की आजीविका पर गहरा संकट खड़ा हो गया है। इस विकट स्थिति में केन्द्र सहानुभूतिपूर्वक विचार कर खाद्य सुरक्षा योजना के तहत जनसंख्या के वर्तमान आंकड़ों के अनुरूप प्रदेश को अतिरिक्त गेहूं का आवंटन करे, ताकि इस अधिनियम की भावना के अनुरूप पात्र जरूरतमंद व्यक्तियों को लाभान्वित किया जा सके।

उन्होंने कहा कि 27 अप्रैल को पीएम नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रवासी मजदूरों का मुद्दा उठाएंगे। हम चाहते हैं राजस्थान में रह रहे अन्य राज्यों के मजदूरों और अन्य राज्यों में रह रहे राजस्थानियों को उनके घर जाने की अनुमति दी जानी चाहिए।


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