CAA के खिलाफ इस्तीफा देने वाले पूर्व मुस्लिम आईपीएस को AMU में भाषण देने से रोका

अलीगढ़ : अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में भाषण देने जा रहे संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के विरोध में इस्तीफा देने वाले महाराष्ट्र के पूर्व पुलिस आईजी अब्दुल रहमान को रविवार को पुलिस ने शहर में दाखिल होने से रोक दिया।

रहमान ने संवाददाताओं से कहा कि उन्हें पुलिस ने एक नोटिस दिया है कि एएमयू में उनकी मौजूदगी से कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो सकती हैं लिहाजा उन्होंने अब फैसला किया है कि वह प्रशासन की अनुमति लेने के बाद फिर से अलीगढ़ आएंगे। उन्होंने बताया कि उन्हें एएमयू स्टूडेंट्स कोआर्डिनेशन कमेटी ने नए नागरिकता कानून पर संबोधित करने के लिए बुलाया था।

अब्दुल रहमान ने कहा, “मुझे एएमयू स्टूडेंट यूनियन ने सीएए, एनआरसी, एनपीआर पर बोलने के लिए बुलाया था। जब मैं खेड़ा पहुंचा तो मुझे पुलिस स्टेशन ले जाया गया और वे बोले कि यदि मैं वहां गया तो कुछ समस्या आ जाएगी और कानून-व्यवस्था का खतरा है।” उन्होंने कहा, “इसलिए मैं वही करूंगा जो मुझे कहा गया है और मैं उनकी भावना समझता हूं। उनके निवेदन पर मैं दिल्ली वापस जा रहा हूं।”

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “अब्दुल रहमान को विश्वविद्यालय में बुलाया गया था। जब मुझे सूचना मिली तो मैंने उन्हें पुलिस स्टेशन ले आया और उन्हें वापस जाने को कहा। वे मान गए और वापस चले गए।” अधिकारियों के निर्देशानुसार लोधा पुलिस, सीओ अनिल समानिया, एसीएम रंजीत सिंह ने उन्हें रोक लिया। खैर कोतवाली पुलिस सुभाष चौक से उन्हें थाने ले आई उसके बाद उन्हें फिर वापस कर दिया।

महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस अधिकारी रहमान ने गत 11 दिसंबर को पद से इस्तीफा देते हुए कहा था कि उन्होंने यह कदम सांप्रदायिक और असंवैधानिक नए नागरिकता कानून के प्रति विरोध स्वरूप उठाया है।  कहा कि अब वह पीड़ितों और वंचितों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करेंगे। नौकरी में रहते हुए यह संभव नहीं था।


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