Home राष्ट्रिय देश का विदेशी मुद्रा भंडार 2.25 अरब डॉलर से अधिक घटा

देश का विदेशी मुद्रा भंडार 2.25 अरब डॉलर से अधिक घटा

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देश का विदेशी मुद्रा भंडार गत 22 जून को समाप्त सप्ताह में 2.254 अरब डॉलर घटकर 407.81 अरब डॉलर पर आ गया। मुद्रा भंडार का यह सात महीने का सबसे निचला स्‍तर है।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 22 जून को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति 2.83 अरब डॉलर घटकर 382.49 अरब डॉलर रहा। इस दौरान स्वर्ण भंडार 10.2 करोड़ बढ़कर 21.33 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

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केंद्रीय बैंक ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास आरक्षित निधि 4.75 करोड़ डॉलर बढ़कर 2.49 अरब डॉलर हो गया और विशेष आहरण अधिकार पांच लाख डॉलर बढ़कर एक अरब 49 करोड़ 15 लाख डॉलर पर पहुंच गया।

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में और अधिक गिरावट को लेकर हाल ही में बैंक आफ अमरीका-मेरिल लिंच की रिपोर्ट सामने आई है। जिसमे कहा गया कि भारत में तेजी से बढ़ रही विकास दर के साथ-साथ अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए भारत के विदेशी मुद्रा कोष का उपयुक्त स्तर बनाए रखना जरूरी है।

दूसरी और रुपए के गिरने का भी सिलसिला जारी है। 10 साल में भारतीय करेंसी के मुकाबले डॉलर 20.22 रुपए तक महंगा हो गया है। अक्टूबर 2008 में रुपया 48.88 प्रति डॉलर के स्तर पर था, जो अब 69.10 के स्तर पर है। जल्द ही इसके 70 के स्तर पर पहुंचने की भी आशंका है।

बता दें कि विदेशी मुद्रा भंडार के घटने और बढ़ने से ही उस देश की मुद्रा की चाल तय होती है। अगर भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में डॉलर, अमेरिका के रुपयों के भंडार के बराबर है तो रुपए की कीमत स्थिर रहेगी। हमारे पास डॉलर घटे तो रुपया कमजोर होगा, बढ़े तो रुपया मजबूत होगा। इसे फ्लोटिंग रेट सिस्टम कहते हैं, जिसे भारत ने 1975 से अपनाया है।

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