कोरोना की फर्जी दवा बनाने के आरोप में रामदेव, बालकृष्णन समेत 5 पर FIR दर्ज

कोरोना की फर्जी दवा कोरोनिल बनाने के आरोप में राजस्थान के जयपुर में राजस्थान की राजधानी जयपुर में रामदेव और अन्य चार लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। रामदेव के अलावा बालकृष्ण, वैज्ञानिक अनुराग वार्ष्णेय, निम्स के अध्यक्ष डॉ. बलबीर सिंह तोमर और निदेशक डॉ. अनुराग तोमर भी शामिल हैं।

वकील बलराम जाखड़ ने अपनी एफआईआर में कहा है कि फर्जी दवाई बनाकर अरबों रुपए कमाने के मकसद से ‘कोरोनिल’ दवा बनाने का दावा किया गया था। इन सभी के खिलाफ धारा 188, 420, 467, 120बी, भादस संगठित धारा 3, 4, राजस्थान एपीडेमिक डिजीज ऑर्डिनेंस 2020, धारा 54, आपदा प्रबंधन अधिनियम आदि आपराधिक धाराओं और ड्रग्स एंड मेजिक रेमेडीज एक्ट 1954 के अधीन कार्रवाई की मांग की गई है।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान के चिकित्सा विभाग ने कोरोना वायरस संक्रमण के उपचार के लिये पंतजलि आयुर्वेद द्वारा बनाई गई दवा के ‘क्लीनिकल ट्रायल’ करने को लेकर शुक्रवार को निम्स हास्पीटल को नोटिस जारी किया और स्पष्टीकरण मांगा था।

इसके अलावा चंडीगढ़ की जिला अदालत में भी बाबा रामदेव और उनकी पतंजलि आयुर्वेद कंपनी पर आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में बाबा रामदेव पर मिलावटी दवा बेचने और ह’त्या की कोशिश के आरोप लगाए गये हैं।

बताया जा रहा है कि यह मामला चंडीगढ़ के नेशनल कंज्यूमर वेलफेयर काउंसिल के सचिव बिक्रमजीत सिंह की ओर से दर्ज कराया गया है। इस मामले में बाबा रामदेव पर आईपीसी की धारा 275, धारा 276 और 307 के तहत केस दर्ज किया गया है। अब इस मामले में कोर्ट सोमवार 29 जून को सुनवाई करेगा।

बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद ने ‘कोरोनिल’ दवा पेश करते हुए मंगलवार को दावा किया था कि उसने कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज ढूंढ लिया है।


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