निजामुद्दीन मरकज के कार्यक्रम में शामिल होने पर लगा जमातियों पर जुर्माना

नई दिल्ली। भारत में कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए प्रतिबंधों के बाद भी निजामुद्दीन मरकज में कार्यक्रम में हिस्सा लेने को लेकर दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को 79 बांग्लादेशी और 42 किर्गिस्तानी नागरिकों पर 5000-5000 रुपये का जुर्माना लगाया। इन विदेशी नागरिकों ने भारत सरकार द्वारा जारी वीजा मानदंडों और दिशानिर्देशों का कथित उल्लंघन किया था।

मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट जितेन्द्र प्रताप सिंह और रोहित गुलिया ने बांग्लादेशी और किर्गिस्तान के नागरिकों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया। हालांकि, तीन बांग्लादेशी और आठ किर्गिस्तानी नागरिकों ने मामले में आरोपों को स्वीकार नहीं किया है।

वहीं दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने इस मामले में 900 से अधिक विदेशी नागरिकों को नामजद किया है। आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), महामारी रोग अधिनियम, आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत और आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत निषेधात्मक आदेशों के उल्लंघन भी आरोप लगाए गए हैं।

इससे पहले मंगलवार को 150 इंडोनेशियाई नागरिकों को जमानत दे दी जिनके खिलाफ वीजा प्रावधानों का उल्लंघन कर तबलीगी जमात कार्यक्रम में शामिल होने का आरोप है। मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट गुरमोहन कौर ने विदेशियों को 10,000-10,000 रुपए के निजी मुचलके पर राहत दी।

अब तक 35 विभिन्न देशों के 682 विदेशी नागरिकों को अदालत से जमानत मिल चुकी है। पुलिस ने जून में 36 देशों के 956 नागरिकों के खिलाफ 59 आरोपपत्र दायर किए थे जिनमें पूरक आरोपपत्र शामिल हैं।


    देश के अच्छे तथा सभ्य परिवारों में रिश्ता देखें - Register FREE