कपिल मिश्रा का नाम लिए बिना बोले जुकरबर्ग – हिं’सा भड़काने वाले ऐसे तत्व कतई बर्दाश्त नहीं

नई दिल्ली. फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने शुक्रवार को अमेरिका में चल रहे नस्लभेद विरोधी ‘Black lives matter’ आंदोलन का समर्थन किया है। इसके साथ ही उन्होने ये भी कहा कि हिं’सा के लिए भड़काने के आशय वाली सामग्री फेसबूक बर्दाश्त नहीं करती।

दरअसल, अमेरिका में लगातार बढ़ते प्रदर्शन को देख हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने पोस्ट किया था कि ‘लूट शुरू होते ही गो’ली मारने की भी शुरुआत हो जाएगी।’ फेसबुक कर्मचारियों का अपने मुखिया से कहना था कि ट्रंप को इस पोस्ट को हटा देना चाहिए। इसको लेकर जुकरबर्ग ने अपने कर्मचारियों को सफाई दी है।

I just shared the following note with our employees, and I want to share it with all of you as well. — As we…

Posted by Mark Zuckerberg on Friday, June 5, 2020

जुकरबर्ग ने  भारत में हुए एनआरसी और सीएए विरोधी प्रदर्शन का उदाहरण देते हुए कहा कि हिं’सा भड़काने या चुनिंदा लोगों को निशाना बनाने को लेकर फेसबुक की नीतियां बिल्कुल साफ हैं। उन्होंने भारत की बात करते हुए कहा, ‘भारत में ऐसे मामले हुए हैं जहां उदाहरण के तौर पर किसी ने कहा कि अगर पुलिस ने ये काम नहीं किया तो हमारे समर्थक आएंगे और सड़कें खाली कराएंगे। ये अपने समर्थकों को सीधे-सीधे हिं’सा के लिए भड़काने का ज्यादा प्रत्यक्ष मामला है।’ उनका कहना था कि इस तरह के आशय वाली सामग्री कंपनी बर्दाश्त नहीं करती है।

हालांकि मार्क जुकरबर्ग ने किसी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन उन्होंने जिस घटना का उदाहरण दिया उससे ये बात साफ थी कि वो कपिल मिश्रा के बारे में ही बात कर रहे थे। गौरतलब है कि बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने दिल्ली में सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान पुलिस को अल्टीमेटम दिया था कि अगर तीन दिन में उसने प्रदर्शनकारियों को नहीं हटाया तो उनके समर्थक यह काम करेंगे। इसके बाद राजधानी में हुई हिंसा में 50 से ज्यादा लोगों की मौ’त हो गई थी।


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