पूर्व सीबीआई चीफ का विवादित बयान – मौलाना आजाद ने की भारत के इतिहास से छेड़छाड़

पूर्व सीबीआई निदेशक और मौजूदा आईपीएस अधिकारी एम.नागेश्वर राव ने मौलाना अबुल कलाम आजाद के खिलाफ विवादित बयान देते हुए कहा कि भारतीय इतिहास से छेड़छाड़ कर इस्लामिक घुसपैठ के खूनी इतिहास को ‘विकृत’ किया।

उन्होने ट्वीट कर कहा, ‘मौलाना अबुल कलाम आज़ाद के 11 साल (1947-58) के बाद, हुमायूं कबीर, एम सी छागला और फकरुद्दीन अली अहमद- 4 साल (1963-67), फिर नुरुल हसन- 5 साल (1972-77)। शेष 10 साल अन्य वामपंथी जैसे वीकेआरवी राव… ने ये जिम्मेदारी संभाली।’

उन्होने लिखा, ‘हिंदू सभ्यता के अब्राहमनिकरण की कहानी.’ इसमें नागेश्वर राव ने छह बिंदुओं को सूचीबद्ध किया-1: हिंदुओं को उनके ज्ञान से वंचित करें। 2. हिंदू धर्म को अंधविश्वासों के संग्रह के रूप में सत्यापित करें। 3. अब्राहम शिक्षा 4. अब्राहम मीडिया और मनोरंजन। 5. अपनी पहचान के बारे में शर्म आनी चाहिए। 6. हिंदू धर्म और समाज की मृत्यु हो जाती है।

पोस्ट में राव ने अपने लेख को “Story of Project Abrahmisation of Hindu Civilization” नाम दिया है। पोस्ट में राव ने लिखा है कि क्या हम सत्यमेव जयते के नारे के प्रति सच्चे हैं। अधिकतर नहीं। हमें राजनैतिक शुद्धता के नाम पर झूठ बताया जाता है। हम अपनी शिक्षा के शुरुआत में जो सीखते हैं वो झूठ का पुलिंदा होता है। इसमें कोई आश्चर्य नहीं है कि एक राष्ट्र के तौर पर हम कपटी हैं।

नागेश्वर राव 1986 में आईपीएस बने। वह ओडिशा कैडर के अधिकारी हैं। नागेश्वर राव साल 2016 में CBI में आए. यहां वह बतौर संयुक्त निदेशक कार्य कर रहे थे। सीबीआई के नंबर 1 और नंबर 2 की लड़ाई के बीच उन्हें अंतरिम निदेशक बनाया गया था।


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