नील डैम पर अरब लीग की ‘दखल’ से भड़का इथियोपिया, मिस्र और सूडान भी एकजुट

नील नदी की एक सहायक नदी पर बन रहे मेगा-डैम को लेकर मिस्र और सूडान के साथ लंबे समय से चल रहे विवाद में अरब लीग के ”हस्तक्षेप” करने को लेकर इथियोपिया भड़क गया है। उसने अरब लीग के ”हस्तक्षेप” को “अवांछित हस्तक्षेप” करार देते हुए खारिज कर दिया।

मंगलवार का इथियोपिया विदेशी मंत्रालय के बयान में कहा कि “इथियोपिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और संयुक्त राष्ट्र महासभा को इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए एक पत्र प्रस्तुत करने के बाद ग्रैंड इथियोपियाई पुनर्जागरण बांध (जीईआरडी) के मामले में अरब राज्यों के लीग द्वारा अवांछित हस्तक्षेप को खारिज कर दिया।”

अरब लीग ने पिछले महीने ही घोषणा की कि वह सुरक्षा परिषद के हस्तक्षेप का समर्थन कर रही है। वह भी ऐसी स्थिति में कि इथियोपिया के आग्रह के बावजूद कि वार्ता अफ्रीकी संघ के नेतृत्व में चल रही प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रही है।  “अरब लीग ने नील नदी के मुद्दे पर मिस्र द्वारा प्रस्तुत किए गए किसी भी दावे को बिना शर्त समर्थन का ऐलान किया हुआ है।”

दूसरी और इस मसले पर आज मिस्र और सूडान के विदेश मंत्रियों ने भी मुलाकात की। समेह शौकरी और मरियम सादिक अल-महदी ने इथियोपिया की उस घोषणा को लगातार खारिज करने की बात दोहराई जिसमें कहा गया था कि इसने बांध को भरने का अगला चरण शुरू कर दिया है।

दोनों मंत्रियों ने कहा कि इथियोपिया का निर्णय 2015 में अदीस अबाबा, खार्तूम और काहिरा के बीच हस्ताक्षरित सिद्धांतों की घोषणा का स्पष्ट उल्लंघन है। इथियोपिया का कहना है कि सूडान के साथ सीमा के पास जो 5 बिलियन डॉलर का बांध बन रहा है, उससे देश को बिजली मिलेगी, हालांकि मिस्र और सूडान का मानना ​​​​है कि इससे उनकी पानी की आपूर्ति कम हो जाएगी।

मिस्र के सिंचाई मंत्रालय ने कहा है कि इथियोपिया के दूसरी फिलिंग के साथ आगे बढ़ने के फैसले से क्षेत्र में संकट और तनाव बढ़ेगा और ऐसी स्थिति पैदा होगी जिससे क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा और शांति को खत’रा हो।