एक्शन में आई गहलोत सरकार – राज्य के सभी कर्मचारियों से मांग लिया संपत्ति का ब्यौरा

जहां एक तरफ एसीबी ने भ्रष्टा’चार और रिश्व’तखोरी के खिलाफ सख्त अभियान छेड़ा हुआ तो वहीं दुसरी और गहलोत सरकार ने अब राज्य के सभी कर्मचारियों से उनकी संपत्ति का ब्यौरा मांग लिया है। अब राज्य के करीब साढ़े 8 लाख कर्मचारियों (All employees) को अपनी अचल संपत्ति का विवरण (Property Details) देना होगा।

जानकारी के अनुसार, कर्मचारियों को 31 अगस्त तक अनिवार्य रूप से अपनी-अपनी संपत्ति का ब्यौरा जमा करना होगा। वरना सरकार वार्षिक इंक्रीमेंट एवं प्रमोशन पर रोक लगा सकती है। इस आदेश में राज्य सरकार के सभी नियंत्रित बोर्ड, निगम, स्वायत्तशासी संस्थाओं और राजकीय उपक्रमों के अधिकारी ही शामिल होंगे।

अचल संपत्ति का वर्तमान मूल्य का आधार डीएलसी दर के अनुसार किया जाना है। कर्मचारियों को राजकाज सॉफ्टवेयर पर संपत्ति का संपूर्ण ब्यौरा अपलोड करना होगा। बता दें कि पिछली वसुंधरा सरकार ने सिर्फ राजपत्रित अधिकारियों को ही अपनी अचल संपत्ति का विवरण देने अनिवारी किया था।

लेकिन अब राज्य के प्रत्येक सरकारी कर्मचारी को अपनी अचल संपत्ति का विवरण देना होगा। गहलोत सरकार के इस फैसले को भ्रष्टा’चार और रिश्व’तखोरी के खिलाफ सख्त कदम माना जा रहा है।

बीते दिनों एसीबी ने राज्य में कई बड़े अधिकारियों को रंगे हाथों भ्रष्टा’चार और रिश्व’तखोरी के मामलों में गिर’फ्तार किया है। जिससे जनता को एक अच्छा संदेश जा रहा है।