दिल्ली में चैंबर में निकाह पढ़ाने पर वकील का लाइसेंस हुआ सस्पेंड

कथित तौर पर अपने चैंबर का इस्तेमाल धर्मांतरण और निकाह के लिए करने के आरोप में दिल्ली बार काउंसिल (Delhi Bar Council) ने कड़कड़डूमा कोर्ट के वकील इकबाल मलिक का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया।

युवती के पिता की शिकायत पर  दिल्ली बार काउंसिल ने अनुशासन समिति का गठन किया। जिसके सुझाव पर फैसला लेते हुए जांच पूरी होने तक आरोपित वकील इकबाल मलिक का लाइसेंस निलंबित कर दिया। साथ ही उन्हे एक कारण बताओं नोटिस भी जारी किया गया।

हालांकि आरोपित इकबाल मलिक का कहना है कि मैंने किसी का मतांतरण और निकाह नहीं कराया है। मुझे उर्द भी नहीं आती। किसी ने मेरे चैंबर का नंबर लिख दिया मुझे पता नहीं है। मुझ पर लगाए गए आरोप झूठे हैं। दिल्ली बार काउंसिल के नोटिस का जवाब दाखिल करूंगा।

काउंसिल ने वकील इकबाल को सात दिनों के भीतर कमेटी के सामने अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। इसके साथ ही कथित गतिविधियां मंजूर नहीं हैं और ना ही एक वकील की पेशेवर गतिविधियों का हिस्सा हैं और निकाह कराने में उसका आचरण और धर्मांतरण और निकाहनामा / विवाह प्रमाण पत्र जारी करना पूरी तरह से शर्मनाक है और कानूनी पेशे की गरिमा के खिलाफ है।

कमेटी में हिमाल अख्तर {वाइस चेयरमैन, बीसीडी), केसी मित्तल (पूर्व अध्यक्ष और सदस्य, बीसीडी) और अजयिंदर सांगवान (पूर्व माननीय सचिव और सदस्य, बीसीडी) शामिल हैं।