जमातियों को क्वारंटाइन में जबरन कैद करने का मामला पहुंचा दिल्ली हाईकोर्ट

क्वारंटाइन की अवधि पूरी करने और लगातार कोरोना टेस्ट नेगेटिव आने पर भी जमातियों को अपने घर नहीं जाने दिया जा रहा है। ऐसे में ये मामला अब दिल्ली हाइकोर्ट (Delhi High Court) में पहुंच गया है।

नवोदय टाइम्स के अनुसार, दायर याचिका में कहा गया है कि जमात के लोगों को क्वारंटाइन के नाम पर 35 दिनों से अधिक समय से क्वारंटाइन केंद्रों में बंद किया गया है। इन सभी की रिहाई की मांग इस याचिका में की गई है। कोर्ट याचिका पर कल यानी शुक्रवार को सुनवाई करेगा।

बता दें कि दिल्ली सरकार पर भी कई बार जमातियों को जबरन क्वारंटाइन केंद्रों में बंद करके रखने के आरोप लगाए गए हैं। एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने इस प्रकार का आरोप दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर लगाया था। हालांकि दिल्ली सरकार ने तबलीगी जमात के लोगों की क्वारंटाइन सेंटर से रिहा करने के आदेश दे दिए हैं।

केजरीवाल सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिया था कि वो अपना क्वारंटाइन पीरियड पूरा कर चुके 2446 जमातियों को छोड़ दे। इसके बाद ये अपने घर जा सकते थे, लेकिन मरकज के कार्यक्रम में शामिल हुए 567 जमातियों को पुलिस के हवाले कर दिया गया था।  इनको वीजा उल्लंघन के मामले में पुलिस को सौंप दिया गया था।

तबलीगी जमात (Tablighi Jamaat) के विदेशी सदस्य जो अपना क्वारंटाइन पीरियड खत्म कर चुके हैं, उनके पासपोर्ट (Passport) सरकार ने जब्त कर लिए हैं। ऐसे 700 से ज्यादा जमातियों के पासपोर्ट जब्त किए गए हैं। अब इनका वीजा और ट्रेवल डॉक्यूमेंट जब्त होने के बाद ये विदेश किसी भी सूरत में नहीं लौट सकते। जब तक कि इस केस की गुत्थी नहीं सुलझती।


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