दरगाह आला हजरत ने किया एनपीआर के बहिष्कार का ऐलान

बरेली। दरगाह आला हज़रत के अल्लामा हसन रज़ा कॉन्फ़्रेंस हाल में काज़ी-ए-हिन्दुस्तान मुफ्ती मोहम्मद असजद रज़ा खाँ कादरी की सरपरस्ती और अल्लामा जिया उल मुस्तफ़ा की निगरानी में हर साल होने वली शरई कौन्सिल ऑफ़ इंडिया के 17वे वार्षिक फिकही सेमिनार की आखरी बैठक मे मुल्क के अलग अलग राज्यों से आए हुए उलमा-ए-इकराम, मुफ्तियान-ए-इकराम व शहर काज़ी ने सी०ए०ए, एन०आर०सी और एन०पी०आर० के हस्सास मसले पर सब ने अपनी अपनी राय व्यकत की और उसके तमाम पहलुओं पर गौरो फिक्र के बाद बाइत्तेफाक राय के बाद यह तय पाया कि अगर हुकूमत-ए-हिन्दुस्तान 2011 की जनगणना की तरह इस बार भी जनगणना कराती है तो ठीक है और उसमे सहयोग भी किया जाएगा, वरना हिन्दुस्तान की तमाम दरगाहो के सज्जादानशीन अपने संविधानिक अधिकार का प्रयोग करते हुए इसका सीधे-सीधे बहिष्कार करेंगे।

जमात के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान मिया ने कहा 1 अप्रैल से जो हिन्दुस्तान मे एन०पी०आर० लागू हो रहा है, उसमे मुसलमान को बिल्कुल डरने की जरूरत नही है। हिन्दुस्तान के मुसलमान के साथ विश्व प्रसिद्ध सुन्नी मरकज़ दरगाह आला हज़रत बरेली शरीफ है। जो भी कर्मचारी आपके दरवाजे पर आए उससे प्यार से बात करें। कोई भी पेपर या अपनी जानकारी देने की बिल्कुल जरूरत नही है। कोई भी कर्मचारी जबरदस्ती करें तो तुरन्त दरगाह आला हज़रत पर सम्पर्क करें। इस हुकूमत ने जो मुसलमानों को डराने के लिए एन०पी०आर० की जानकारी न देने वाले को सजा और जुर्माने की बात कही है, वह बहुत अफसोसनाक है। इन फैसलों से मुसलमान बिल्कुल न डरे। मस्जिदों के इमामों से भी अपील की गई है, आने वाले जुम्मा मे तकरीर में एन०पी०आर० का बहिष्कार करें। सांसेस 2010 के तहत ही एन०पी०आर० होना चाहिए।

इस मौके पर मुख्य रुप से मुफ्ती आशिक हुसैन, मुफ्ती गुलजार मियां, मुफ्ती बहाउल मुस्तफा, मुफ्ती शफीक अहमद, मुफ्ती शमशाद अहमद, मुफ्ती अख्तर हुसैन, मुफ्ती रफीक आलम, मुफ्ती उजैर आलम, काज़ी शहीद आलम, क़ाज़ी फज़ले अहमद, मुफ्ती महमूद अख्तर, मुफ्ती हबीब उल्लाह, मुफ्ती अबुल हसन, मुफ्ती आलमगीर, मुफ्ती अनवर निजामी, मुफ्ती वली मोहम्मद आदी मौजूद रहें। येह जानकारी प्रेस को जमात के मीडिया प्रभारी समरान खान ने दी ।।


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