कोरोनवायरस पर सार्क देशों से बोले पीएम मोदी – ‘सबको मिलकर ल’ड़नी होगी ये जं’ग’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सार्क देशों के नेताओं/प्रतिनिधियों के साथ कोरोना वायरस से निपटने के लिये रणनीति बनाने को लेकर वीडियो कांफ्रेंस कर रहे है। जिसमे उन्होने इस महामारी से निपटने की एक संयुक्त रणनीति बनाने पर ज़ोर दिया।चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने कहा, सार्क देशों को कोरोना से सावधानी बरतनी होगी।

उन्होंने कहा कि भारत में जागरूकता अभियान चल रहा है। हमें घबराने की जरूरत नहीं है बल्कि सावधान रहने की जरूरत है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि जैसा कि हम इस चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं, मैं इस वायरस के प्रसार से निपटने के भारत के अनुभव को संक्षेप में साझा करना चाहूंगा। हमारा मार्गदर्शक मंत्र है- ‘तैयारी करो, मगर घबराओ नहीं।

मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने चर्चा करते हुए कहा, मैं पीएम मोदी को धन्यवाद कहना चाहता हूं। संकट के समय में हम साथ आते हैं। 2003 में सार्स के खतरे के वक्त मालदीव ने सार्क के स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक आयोजित की थी। कोई देश अकेले इस वायरस नहीं निपट सकता है, इसमें सबकी मदद चाहिए। मालदीव भाग्यशाली है कि उसे भारत की सहायता मिली है, इसके लिए मैं पीएम मोदी और भारत के लोगों का शुभकामनाएं देता हूं। हमारे लिए दवाएं और मेडिकल टीम भेजी गईं।

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने कोविड-19 पर दक्षेस देशों के नेताओं से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संवाद में कोरोना वायरस की समस्या से निपटने के लिए टेली-मेडिसिन का एक साझा नेटवर्क बनाने का प्रस्ताव दिया। बता दें कि मोदी ने कोरोना वायरस का मुकाबला करने के लिए ‘क्षेत्रीय सहयोग के वास्ते दक्षिण एशियाई संगठन’ (दक्षेस) राष्ट्रों द्वारा एक संयुक्त रणनीति तैयार किये जाने का शुक्रवार को प्रस्ताव दिया था।

उनकी अपील पर श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे, मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह, नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली और भूटान के प्रधानमंत्री लोटे शेरिंग, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना और अफगानिस्तान की सरकार ने स्वागत किया।


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