मोदी सरकार करती रही कोरोना के कम्युनिटी ट्रांसमिशन से इंकार, अब हुआ बड़ा खुलासा

भारत कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच दुनिया भर में कोरोना के मामलों में तीसरे स्थान पर पहुँच गया है। इसी बीच कोरोना के कम्युनिटी ट्रांसमिशन को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। हालांकि मोदी सरकार इससे साफ इंकार करती रही है।दरअसल, पिछले हफ्ते Ministry of Health and Family Welfare से एक पेपर जारी हुआ है। जिसमे कोरोना के कम्युनिटी ट्रांसमिशन की बात कही गई है।

The Print’ की रिपोर्ट के अनुसार, चार जुलाई को ‘Guidance for General Medical and Specialised Mental Health Care Settings’ नाम से जारी दस्तावेज में कहा गया, “इसके प्रकाशन के समय (अप्रैल 2020 की शुरुआत में) भारत कोरोना के सीमित कम्युनिटी स्प्रेड की स्टेज में है और किसी को भी इस बात का अंदाजा नहीं है कि कैसे यह महामारी फैल रही है।”

हालांकि इससे पहले 11 जून, 2020 को कोरोना वायरस पर आखिरी सरकारी प्रेस ब्रीफिंग में 65 जिलों में किए गए पहले चरण के Sero Survey के नतीजे जारी करते हुए ICMR के डीजी डॉ.बलराम भार्गव ने कम्युनिटी में कोरोना के प्रसार की बात को सिरे से खारिज कर दिया था।

उन्होंने कहा था, ऐसे बड़े देशों में मौजूदा फैलाव बहुत कम है। छोटे जिलों में तो यह एक फीसदी से भी कम है, जबकि शहरों और कंटेनमेंट जोन्स में यह थोड़ा अधिक है। ऐसे में भारत में कम्युनिटी ट्रांसमिशन तो बिल्कुल भी नहीं है। सेरो सर्वे के मुताबिक, तब तक देश की 0.73 फीसदी आबादी संक्रमित हुई थी।

World Health Organisation (WHO) के अनुसार, कम्युनिटी ट्रांसमिशन की पुष्टि तब होती है जब पुष्ट मामले पकड़ में नहीं आते और वे बड़े स्तर पर संक्रमण की चेन को पॉजिटिव केस बढ़ाते हुए बनाते चले जाते हैं। हीं, US Centers for Disease Control and Prevention के मुताबिक, Community Spread/Community Transmission तब होता है, जब संक्रमण के स्रोत के बारे में पता नहीं चल पाता कि वह आखिर फैल कहां से रहा है?


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