सुप्रीम कोर्ट का आदेश – बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में 31 अगस्त तक हो पूरा ट्राइल

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बाबरी मस्जिद विध्वंस केस का मुकदमा 31 अगस्त तक पूरा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि लखनऊ में सीबीआई की विशेष अदालत अगस्त अंत तक मुकदमे को पूरा करे और फैसला दे। CBI कोर्ट अगस्त की समयसीमा का उल्लंघन ना करे।

सुप्रीम कोर्ट ने समय सीमा बढ़ाते हुए कहा कि बयान वीडियो कांफ्रेंसिंग से भी दर्ज किए जाएं। भाजपा के दिग्गज नेताओं लालकृष्ण आडवाणी, एमएम जोशी, उमा भारती, कल्याण सिंह और अन्य के खिलाफ मामले में ट्रायल चल रहा है जिसे पूरा करने का समय सुप्रीम कोर्ट ने और बढ़ा दिया है।

इससे पहले भी स्पेशल जज एस के यादव ने सुप्रीम कोर्ट को चिट्ठी लिखकर और समय बढ़ाने की मांग की थी। 20 अप्रैल को ही 9 महीने की सीमा पूरी हो चुकी है। 19 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा के दिग्गज नेताओं लालकृष्ण आडवाणी, एमएम जोशी, उमा भारती, कल्याण सिंह और अन्य के खिलाफ बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले की साजिश की सुनवाई कर रहे लखनऊ की सीबीआई कोर्ट के विशेष जज को निर्देश दिया था कि वो नौ महीने में ट्रायल पूरा कर फैसला सुनाएं।

इसके साथ ही पीठ ने 30 सितंबर को रिटायर हो रहे सीबीआई जज एसके यादव के कार्यकाल को भी ट्रायल पूरा होने तक बढ़ाने का आदेश जारी किया था। फैसला सुनाते हुए जस्टिस आरएफ नरीमन की अध्यक्षता वाली पीठ ने निर्देश दिया था कि जज 6 महीने में सुनवाई पूरी करेंगे और तीन महीने में फैसला लिखकर सुनाएंगे।

दरअसल विशेष जज एसके यादव ने मई में लिखे एक पत्र में शीर्ष अदालत को सूचित किया था कि वह 30 सितंबर, 2019 को सेवानिवृत हो रहे हैं जबकि इस ट्रायल को पूरा होने में अभी 6 महीने लगेंगे। पीठ ने कहा था कि ये हाई प्रोफाइल मामला है और इस ट्रायल को उसी जज द्वारा पूरा किया जाना चाहिए।


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