कोरोना पर झूठ बोल रही मोदी सरकार? देश में कई जगह कम्युनिटी ट्रांसमिशन शुरू: विशेषज्ञ

देश में कोरोना अब तेजी से पैर पसार रहा है और रोज 10 हजार से अधिक नए मामले सामने आ रहे हैं। इसी बीच शनिवार को विशेषज्ञों ने कोविड-19 का सामुदायिक प्रसार नहीं होने के भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के दावो को खारिज कर दिया। विशेषज्ञों ने कहा कि यह मौजूदा स्थिति को परिलक्षित नहीं करता और सरकार सच्चाई को स्वीकार करने में ‘अड़ियल’ रुख दिखा रही है।

विशेषज्ञों ने बताया कि देश के कई हिस्सों में कोरोना का कम्युनिटी ट्रांसमिशन हो चुका है। सरकार को यह सच्चाई स्वीकार करनी चाहिए। लोगों को आत्ममुग्धता से बचाया जा सके। एम्स के पूर्व निदेशक डॉ. एम सी मिश्रा ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि देश के कई हिस्सों में सामुदायिक प्रसार है। मिश्रा ने ‘पीटीआई’ से कहा, “बड़े पैमाने पर लोगों के पलायन और लॉकडाउन में छूट से इसमें और तेजी आई और यह बीमारी उन इलाकों में भी पहुंच गई जहां कोई मामले नहीं थे। सरकार को ऐसे समय में आगे आकर इसे मानना चाहिए जिससे लोग ज्यादा सतर्क हों और लापरवाह न बनें।”

प्रमुख विषाणु रोग विशेषज्ञ शाहिद जमील ने कहा कि भारत काफी पहले सामुदायिक प्रसार के चरण में पहुंच चुका था। उन्होंने कहा, “बात सिर्फ इतनी है कि स्वास्थ्य अधिकारी इसे मान नहीं रहे हैं। यहां तक कि आईसीएमआर के तहत आने वाले एसएआरआई (गंभीर श्वसन रोग बीमारी) के अध्ययन में दिखाया गया है कि सार्स-सीओवी-2 से संक्रमित पाए गए 40 प्रतिशत लोगों में कोई हाल में विदेश यात्रा करने या किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने की कोई जानकारी नहीं थी।”

वेलकम ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जमील ने कहा कि विचार करने वाला महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि आईसीएमआर ने किस संवेदनशीलता और विशिष्टता के साथ यह सर्वेक्षण किया, इसका खुलासा उसने नहीं किया है यहां तक कि एक प्रतिशत का अंतर भी कम मामलों वाले नतीजे में बड़ा बदलाव ला सकता है।  फेफड़ों के प्रख्यात सर्जन डॉ. अरविंद कुमार ने कहा कि आईसीएमआर की दलील अगर मान भी ली जाए तो इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि दिल्ली, अहमदाबाद और मुंबई जैसी जगहों पर सामुदायिक प्रसार हो रहा है।

बता दें कि देश में कोरोना वायरस के संक्रमण का ट्रेंड जानने के लिए पहली बार सीरो सर्वे कराया गया था। 65 जिलों में 26,400 लोगों के बीच कराए गए सर्वे में केवल 0.73 फीसदी लोगों में ही कोरोना पाया गया। आईसीएमआर के डायरेक्टर जनरल बलराम भार्गव ने गुरुवार की सीरो सर्वे की रिपोर्ट जारी करते हुए कहा था कि भारत अभी कोरोना कम्युनिटी ट्रांसमिशन से बचा हुआ है।