पूरी को छोड़ CJI रमना ने ओडिशा में रथ यात्रा की अनुमति देने से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने पुरी जगन्नाथ मंदिर को छोड़कर पूरे ओडिशा में रथ यात्रा की अनुमति की मांग वाली याचिकाओं को खारिज़ कर दिया। ओडिशा सरकार से सिर्फ पुरी जगन्नाथ मंदिर में ही रथ यात्रा की अनुमति दी है। सुप्रीम कोर्ट ने माना कि ओडिशा सरकार ने रथायात्रा को प्रतिबंधित करने का सही फैसला लिया है।

मामले की सुनवाई कर रहे मुख्य न्यायधीश ने कहा कि मैं भी पुरी जाना चाहता हूँ। आशा है अगले साल भगवान सभी रस्म पूरा करने की अनुमति देंगे। उन्होने याचिकाकर्ता से कहा, आप भगवान से प्रार्थना करना चाहते हैं। आप इसे घर से कर सकते हैं। मैं भी पुरी जाना चाहता था, लेकिन मैं पिछले डेढ़ साल में नहीं जा सका।

पुरी के जिलाधिकारी समर्थ वर्मा ने बताया कि 12 जुलाई को होने वाले रथयात्रा उत्सव से एक दिन पहले पुरी शहर में कर्फ्यू लगाया जाएगा जो अगले दिन दोपहर तक प्रभाव में रहेगा। श्रद्धालुओं को रथ के मार्ग में छतों से भी रस्म देखने की अनुमति नहीं होगी।

ओडिशा सरकार के प्रमुख प्रवक्ता सुब्रतो बागची ने कहा, ‘‘भगवान जगन्नाथ के पृथक-वास का उदाहरण लोगों द्वारा अच्छी तरह से स्वीकार किया जाता है और यह उन्हें घर के अंदर रखता है। राज्य सरकार ने एक नारा भी गढ़ा है-‘घरे रुकंतु सुस्थ रूहंतु’ (घर में रहें, स्वस्थ रहें)।

 

उन्होंने लोगों को जांच में कोविड-19 संक्रमित पाये जाने पर पृथक-वास में जाने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि ‘‘अनासर’’ (पृथक-वास) ओडिया संस्कृति और परंपरा का एक अहम हिस्सा है। पृथक-वास का अर्थ है संक्रमितों की आवाजाही को प्रतिबंधित करना ताकि संक्रमण दूसरों में न फैले।