20 सैनिकों की शहादत के बीच चीनी कंपनी को मिला रेल कॉरिडोर का ठेका

LAC पर सोमवार को चीन के साथ हुई झड़प में भारत के 20 सैनिक शहीद हो गए। दूसरी और केंद्र सरकार की तरफ से बनने वाले दिल्ली-मेरठ सेमी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का ठेका एक चीनी कंपनी को दिया जा रहा है। ये ठेका ऐसे समय में दिया जा रहा है जब देश में चीनी माल के बहिष्कार का आंदोलन सत्ता समर्थकों की और से चलाया जा रहा है।

आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली-मेरठ ​रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) प्रोजेक्ट के अंडरग्राउंड स्ट्रेच बनाने के लिए सबसे रकम की बोली एक चीनी कंपनी शंघाई टनल इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड (STEC) ने लगाई है। बीजेपी के मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच (SJM) ने भी नरेंद्र मोदी सरकार से इस बोली को रद्द करने की मांग की है।

स्वदेशी जागरण मंच ने सरकार से मांग की है कि इस ठेके को रद्द करते हुए इसे किसी भारतीय कंपनी को दिया जाए। मंच ने कहा कि यदि सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान को सफल बनाना है तो ऐसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में चीनी कंपनियों को शामिल होने का अधिकार ही नहीं देना चाहिए। स्वेदशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह-संयोजक अश्वनी महाजन ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मांग की है कि इस ठेके को तत्काल रद्द किया जाए।

बीबीसी के अनुसार, भारतीय सेना ने अपने बयान में कहा कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सेना के साथ हुए हिंसक संघर्ष में 20 भारतीय सैनिकों की मौ’त हुई है। सेना ने बताया कि इस संघर्ष में 17 सैनिक गंभीर रूप से घाय’ल हुए थे और शून्य से कम तापमान वाले ऊंचाई पर स्थित गलवान इलाके में उनकी मौ’त हो गई।

सेना ने मंगलवार रात अपने आधिकारिक बयान में कहा कि गलवान इलाके में अब भारत और चीन दोनों ही देशों के सैनिकों के बीच संघर्ष बंद हो गया है। इससे पहले 15 और 16 जून की रात दोनों पक्षों में हिंसक संघर्ष हुआ था।


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