चीन कर रहा था दलाई लामा की जासूसी, हवाला रैकेट में गिरफ्तारी से हुआ खुलासा

चीन बौद्ध धर्म के सर्वोच्च गुरु दलाई लामा की जासूसी करा रहा था। इस बात का खुलासा वाला हवाला रैकेट (Hawala Racket) से जुड़े चीनी नागरिक की गिरफ्तारी के बाद हुआ है।

हवाला कारोबार से जुड़ा चार्ली लुओ सांग (Charlie Peng) दिल्ली में कुछ लामाओं को रिश्वत देकर, दलाई लामा और उनके करीबी सहयोगियों की जानकारी जुटाने की कोशिश की। पेंग ने पूछताछ में बताया कि उसने पहली बार 2014 में भारत में कदम रखा था। पेंग ने दिल्ली में सबसे पहले नूडल्स का कारोबार शुरू किया और इसमें आगे बढ़ते हुए बड़े हवाला रैकेट तक जा पहुंचा।

पेंग को पहली बार साल 2018 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था। हालांकि कुछ दिन बाद वह छूट गया था। इस बार उसे हवाला रैकेट में गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि लुओ संग ने मिजोरम की एक महिला से शादी की और मणिपुर से भारत की नागरिकता हासिल कर जाली पारसपोर्ट भी बनवा लिया। इसके बाद लुओ ने चार्ली पेंग के नाम से आधार और पैन कार्ड भी बना लिया।

आयकर विभाग ने जांच कर रही अन्य एजेंसियों को बताया है कि तिब्बती लामाओं को रिश्वत की रकम लुओ संग के दफ्तर में काम करने वाले कर्मचारियों को दी गई है। विभाग ने बताया कि कोरियर कंपनी ने स्वीकार किया है कि उसके जरिए नकदी का लेन-देन किया गया है।

बता दें कि हाल ही में 40 बैंक अकाउंट के माध्यम से 300 करोड़ रुपये के हवाला ट्रांजेक्शन का खुलासा हुआ है। लेन-देन के लिए कुछ चीनी फर्मों का इस्तेमाल किया गया है, इनमें से कुछ का पता लगाया जा चुका है। इनकम टैक्स विभाग ने अपनी जांच में पाया है कि कई बड़ी चीनी कंपनियों के द्वारा छोटी चीनी कंपनियों के फर्जी परचेसिंग ऑर्डर जारी किए गए। जिनके आधार पर छोटी कंपनियों ने फर्जी बिल तैयार किए थे।


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