गहलोत सरकार का बड़ा फैसला – बिना परीक्षा पास होंगे पहली से आठवीं तक के बच्चे

महामारी कोरोना वायरस और लॉकडाउन को ध्यान में रखते हुए राजस्थान की गहलोत सरकार ने अहम फैसला लेते हुए पहली से आठवीं तक के बच्चों को बिना परीक्षा के ही पास करने का फैसला किया है। सरकार ने गुरुवार को निर्देश दिया कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण 10वीं और 12वीं कक्षा के स्टूडेंट्स को छोड़कर बाकी कक्षाओं के स्टूडेंट्स को अगली कक्षा में प्रमोट करने के भी निर्देश दिए हैं।

इस अलावा स्कूल अब छात्रों से तीन महीने का अग्रिम शुल्क न ले सकेंगे और नहीं फीस के कारण किसी भी छात्र का नाम स्कूल से नहीं काटा जाएगा। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन कक्षाओं और ई-लर्निंग को शिक्षा की निरंतरता के लिए स्कूलों और कॉलेजों द्वारा जारी किया जाना चाहिए। उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने कहा कि विश्वविद्यालयों की परीक्षा कार्यक्रम तय करने के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाई गई है।

ये भी निर्णय किया गया कि राज्य के सभी उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा से जुडे़ संस्थानों में 15 अप्रैल से ग्रीष्म अवकाश घोषित किया जा सकता है। लेकिन स्कूलों में 15 अप्रैल से ग्रीष्म अवकाश नहीं होगा। राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय से सम्बद्ध संस्थानों में लॉकडाउन हटने के बाद आठवें सेमेस्टर की परीक्षाएं प्राथमिकता से करवाने का भी निर्णय किया गया।

कांफ्रेंस में उच्च शिक्षा राज्यमंत्री भंवर सिंह भाटी ने बताया, “उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय परीक्षाओं के शेड्यूल के निर्धारण के लिए एक पांच सदस्यीय समिति बनाई है जो लॉकडाउन हटने के बाद परीक्षाओं और आगामी शैक्षणिक सत्र के संचालन के बारे में सुझाव देगी।”

उन्होंने बताया कि समिति में राजस्थान विश्वविद्यालय, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय और मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के कुलपति तथा आयुक्त कॉलेज शिक्षा और शासन सचिव उच्च शिक्षा शामिल हैं। शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने बताया, “सभी कक्षाओं की किताबें आनलाइन उपलब्ध करवा दी गई हैं। अब विद्यार्थियों के लिए आनलाइन शैक्षणिक सामग्री तैयार करने का कार्य किया जा रहा है ताकि घर पर रहकर भी बच्चे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।”


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