बाबरी मस्जिद विध्वंस केस: सीबीआई कोर्ट में जारी रहेगी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई

सीबीआई की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को अयोध्या में 1992 बाबरी मस्जिद गिराये जाने की घटना से संबंधित मुकदमे की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जारी रखने का फैसला किया। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 8 मई को विशेष अदालत को 31 अगस्त तक मुकदमे की कार्यवाही समाप्त करने का निर्देश दिया था।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस रोहिंटन नरीमन की अगुवाई वाली बेंच ने स्पेशल जज से कहा कि वह विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बयान दर्ज करा सकते हैं और ये सुनिश्चित करने को कहा है कि सुनवाई अगस्त 31 तक पूरी हो जाए। हालांकि पहले स्पेशल जज को 30 अप्रैल तक ट्रायल पूरा करने को कहा था। इस मामले में बीजेपी नेता एलके आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी सहित कई नेताओं के खिलाफ ट्रायल चल रहा है।

अदालत ने उन सभी अभियोजन पक्ष के गवाहों के साक्ष्य दर्ज किए हैं, जिनका सीबीआई ने प्रस्तुत किया था। अब आरोपियों से यह पता लगाने में सक्षम किया जा रहा है कि उनके खिलाफ क्या सबूत थे। इस बीच, बचाव पक्ष ने जिरह के लिए तीन अभियोजन पक्ष के गवाहों को बुलाने के लिए शुक्रवार को एक आवेदन दायर किया, क्योंकि 2016-17 में उनके साक्ष्य दर्ज किए जाने पर उनकी पहले जिरह नहीं की गई थी।

आवेदन को लेते हुए, विशेष न्यायाधीश एस के यादव ने बचाव पक्ष से उन विशिष्ट प्रश्नों की सूची प्रस्तुत करने को कहा, जिन पर वह इन अभियोजन पक्ष के गवाहों से जिरह करना चाहते थे। अदालत इस मामले की अगली सुनवाई 18 मई को करेगी।

उल्लेखनीय है कि स्पेशल जज ने लेटर लिखकर सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई थी कि ट्रायल पूरा करने के लिए समयसीमा बढाई जानी चाहिए। तब सुप्रीम कोर्ट ने चार महीने के लिए अवधि बढ़ा दी है और कोर्ट ने कहा है कि कोशिश होनी चाहिए कि 31 अगस्त तक सुनवाई पूरी हो जाए। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 19 जुलाई को आदेश दिया था कि छह महीने में बयान दर्ज होना चाहिए।  हालांकि अभी तक बयान दर्ज नहीं हो पाया है।


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